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भाजपा नेता खुराना पार्टी से निलंबित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता मदनलाल खुराना को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है. पार्टी अध्यक्ष आडवाणी से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाए जाने की माँग करना खुराना को भारी पड़ा और उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया है. भाजपा प्रवक्ता सुषमा स्वराज ने कहा कि खुराना ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के मुद्दों को उठाया था, इसके कारण उन्हें निलंबित किया गया. सुषमा स्वराज का कहना था कि पार्टी महासचिवों ने भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी को सिफ़ारिश की थी कि अनुशासनहीनता के आरोप में मदनलाल खुराना को निलंबित कर दिया जाए. भाजपा प्रवक्ता का कहना था कि खुराना को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है कि क्यों न उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निलंबित कर दिया जाए. साथ ही उनसे 15 दिनों में इसका जवाब माँग गया है. भाजपा में इन दिनों घमासान मचा हुआ है. एक ओर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाने की मुहिम चल रही है, तो दूसरी ओर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर और झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के ख़िलाफ़ मुहिम चल रही है. दूसरी ओर भाजपा नेता यशवंत सिन्हा, बाबूलाल मरांडी और शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी जिस तरह से चलाई जा रही है, उस पर सार्वजनिक रूप से टीका टिप्पणी की है. खुराना का पत्र मदनलाल खुराना ने न केवल गुजरात के मुख्यमंत्री को हटाने की माँग की बल्कि पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाया था. उनका आरोप था कि आडवाणी पार्टी में 'एयरकंडीशंड कल्चर' को बढ़ावा दे रहे हैं. मदनलाल खुराना ने शनिवार को पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी को हटाने की माँग की थी. उनका कहना है कि मोदी को हटाकर गुजरात के दंगों के दाग धोए जा सकते हैं. खुराना का कहना है कि जिस तरह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए माफ़ी माँगी ली और जगदीश टाइटलर को मंत्रिमंडल से हटा दिया. उसी तरह नरेंद्र मोदी को हटा कर पार्टी को इस दाग को धो लेना चाहिए. उनका कहना है कि गुजरात दंगों के दोषी अब भी मुक्त रूप से घूम रहे हैं. खुराना का कहना है कि 'मोदी ने दंगों को नियंत्रित करने के बजाए उन्हें बढ़ावा दिया.' उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कुछ टिप्पणियों का भी हवाला दिया है. खुराना ने लिखा है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी खुद इस मुद्दे पर दुख जता चुके हैं. इसके पहले खुराना ने एक पत्र लिखकर आडवाणी के उस बयान की आलोचना की थी जिसमें उन्होंने जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष बताया था. खुराना दिल्ली भाजपा के प्रमुख नेता माने जाते रहे हैं और खुराना, विजय कुमार मल्होत्रा और केदारनाथ साहनी की तिकड़ी का अर्से तक दिल्ली की राजनीति पर एकछत्र राज रहा है. |
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