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मंगलवार, 09 अगस्त, 2005 को 13:26 GMT तक के समाचार
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जनजागरण को नक्सलियों की चुनौती

जनजागरण अभियान
छत्तीसगढ़ में
छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाक़े में नक्सलियों के ख़िलाफ़ जनजागरण अभियान की अगुवाई कर रहे नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा के घर पर मंगलवार को नक्सलियों ने धावा बोल कर महेंद्र कर्मा के भाई समेत दो लोगों की हत्या कर दी.

हालांकि नक्सलियों की हिटलिस्ट में शामिल कर्मा घटना के समय अपने घर पर नहीं थे.

दंतेवाड़ा के फरसपाल में नक्सलियों ने देर रात महेंद्र कर्मा के घर पर हमला बोला और घर के सामने सुरक्षा के लिए तैनात एएसएफ के कैंप पर लगातार गोलियां बरसाते हुए कर्मा के घर से उनके भाई सुक्कु कर्मा समेत तीन लोगों को उठा कर ले जाने में सफल रहे.

बाद में नक्सलियों ने सुक्कु और कर्मा की खेती-बाड़ी का काम देखने वाले सुखराम की हत्या कर दी.

पिछले दो महीने से नक्सलियों के ख़िलाफ़ राज्य सरकार के संरक्षण में बस्तर में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है.

इस अभियान का दूसरा चरण दो दिन पहले ही ख़त्म हुआ था. राज्य विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता महेंद्र कर्मा ने नक्सलियों को चुनौती दी थी कि वे 'नक्सलियों की मांद' में घुस कर उनका मुक़ाबला करेंगे.

माना जा रहा है कि नक्सलियों ने इस बयान की प्रतिक्रिया में ही कर्मा के घर धावा बोला.

नक्सलियों के ख़िलाफ़ पिछले कई वर्षों से सक्रिय महेंद्र कर्मा ने इस घटना को जनजागरण अभियान का प्रतिफल बताते हुए कहा कि नक्सली जनजागरण अभियान से घबराए हुए हैं और उन्होंने दबाव में इस घटना को अंजाम दिया है.

सलवा जुड़ूम

बस्तर के गांव-गांव में नक्सली समर्थकों के ख़िलाफ़ सरकार ने " सलवा जुड़ूम " के नाम से ग्रामीणों को लामबंद करना शुरु किया है. इस जनजागरण अभियान का नेतृत्व महेंद्र कर्मा कर रहे हैं.

नक्सली
नक्सली जनजागरण अभियान से परेशान हैं

नक्सली समर्थक आदिवासियों को पकड़ कर उन्हें पुलिस के हवाले करने और उन्हें समर्पण के लिए बाध्य करने की घटनाओं के बाद इस इलाके में लगातार तनाव बढ़ा है.

इस अभियान के बाद सैकड़ों की संख्या में अब तक नक्सली समर्थकों ने आत्मसमर्पण किया है.

दूसरी ओर अपने ख़िलाफ़ चलाए जा रहे इस जनजागरण अभियान से बौखलाए नक्सलियों ने अब तक इस अभियान में शामिल 40 से ज़्यादा आदिवासियों की हत्या कर दी है.

नक्सलियों के जवाबी हमले के बाद कम से कम तीन हज़ार आदिवासियों ने पिछले डेढ़ माह से अपना गांव-घर छोड़ कर सरकारी राहत शिविरों में शरण ले रखी है.

शनिवार को ही सरकार ने घोषणा की थी कि नक्सलियों से लड़ने के लिए ग्रामीणों को प्रशिक्षण और हथियार दिए जाएंगे.

इससे पहले सरकार ने दक्षिण बस्तर के इलाके में ग्राम रक्षा समितियों का गठन भी शुरु किया है. साथ ही सरकार ने नक्सलियों से निबटने के लिए दो नई रिजर्व बटालियन गठित करने की प्रक्रिया भी शुरु की है.

कर्मा के घर पर हमले के बाद राज्य के गृह मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि जनजागरण अभियान चलता रहेगा. उन्होंने कहा कि यह हमला नक्सलियों की हताशा का परिचय है.

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