|
कर्नाटक भाजपा का संकट टला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कर्नाटक में शुरु हुई राजनीतिक हलचल भाजपा आलाकमान के हस्तक्षेप से फिलहाल ख़त्म हो गई दिखती है. भाजपा उपाध्यक्ष वेंकैया नायडू ने पार्टी के नेताओं से रविवार को लंबी चर्चा की और इसके बाद कहा है कि येदियुरप्पा ही विधायक दल के नेता हैं और उनके कामकाज में कोई दखल नहीं देगा. हालांकि वेकैया नायडू ने अनंत कुमार के बारे में कुछ नहीं कहा लेकिन येदियुरप्पा के बारे में उन्होंने जो कहा है उससे यह स्पष्ट हो गया कि आलाकमान ने अनंत कुमार को राज्य के मसलों से अलग रहने को कहा है. उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा और अनंत कुमार के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान के बाद राज्य में यह चर्चा चल रही थी कि येदियुरप्पा पार्टी तोड़ने की तैयारी कर रहे हैं. चर्चा यह चल रही थी कि वे पार्टी तोड़ने के बाद वे जनता दल सेक्युलर के साथ मिलकर सरकार बनाने की तैयारी कर रहे हैं. इस बीच जेडीएस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के बेटे कुमारस्वामी ने भाजपा विधायक दल के नेता येदियुरप्पा से मुलाक़ात की थी जिससे इन चर्चाओं को बल मिला था. लेकिन भाजपा उपाध्यक्ष वेंकैया नायडू ने रविवार को विधायक दल की एक बैठक बुलाई और पार्टी के दूसरे नेताओं से भी बात की और इसके बाद संकट सुलझाने के संकेत दिए हैं. बीबीसी के दक्षिण भारत संवाददाता सुनील रामन का कहना है कि येदियुरप्पा के पास भाजपा के इतने विधायक नहीं जुट पाए कि वे अलग गुट बना सकें. जेडीएस का संकट उधर जनता दल सेक्युलर के नेता एचडी देवगौड़ा ने कहा है कि वे कांग्रेस के साथ चल रही साझा सरकार को छोड़कर नहीं जा रहे हैं. लेकिन उनकी अपनी पार्टी में चल रहा संकट अभी ख़त्म नहीं हुआ है. उपमुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया को हटाने के बाद से वे भी विद्रोह का झंडा बुलंद किए हुए हैं. हालांकि वे भी कह चुके हैं कि वे पार्टी छोड़कर नहीं जा रहे हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||