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कर्नाटक में काँग्रेस-जेडी(एस) सरकार बनेगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कर्नाटक में काँग्रेस और जनता दल(एस) मिलकर सरकार बनाएँगे. बंगलौर में रविवार को जेडी(एस) के नवनिर्वाचित विधायकों और सांसदों की बैठक हुई जिसमें काँग्रेस के साथ हाथ मिलाने का फ़ैसला किया गया. बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ने फ़ैसले की जानकारी देते हुए बताया कि साझा सरकार की रूपरेखा बाद में तय की जाएगी. राज्य के विधानसभा चुनावों में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है और ऐसे में पूर्व प्रधानमंत्री की पार्टी जेडी(एस) की भूमिका निर्णायक बन गई थी. देवगौड़ा ने शनिवार को काँग्रेस नेता सोनिया गांधी से दिल्ली में मुलाक़ात की थी. समीकरण कर्नाटक में विधानसभा की 224 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 113 विधायकों का समर्थन ज़रूरी है. बीजेपी के 79, काँग्रेस के 65 और जेडी(एस) के 58 विधायक चुनकर आए हैं. ऐसे में जेडी(एस) और काँग्रेस की मिली-जुली सरकार की संभावना पर विचार किया गया. दोनों पार्टियाँ साझा सरकार के लिए तैयार हो गई हैं मगर साझा सरकार का नेतृत्व किसके हाथ में होगा अभी ये गुत्थी नहीं सुलझ पाई है. |
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