BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 12 दिसंबर, 2004 को 13:22 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
कर्नाटक के प्रशासन ने ऐसी दी सफ़ाई

कर्नाटक के मुख्यमंत्री धरम सिंह
कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उनके अफ़सर दिल्ली में सफ़ाई देने आए थे
पिछले कई महिनों से मीडिया में ख़बरें आ रही थीं कि बंगलौर शहर में ढाँचागत सुविधाएँ ख़त्म हो रही हैं. सड़क, पानी, एयरपोर्ट सबकुछ ऐसी हालत में है कि सॉफ़्टवेयर कंपनियाँ बंगलौर छोड़ रही हैं.

एक अख़बार ने तो इसे लेकर बाक़ायदा मुहीम ही छेड़ रखी है ऐसे में एक प्रेस कांफ़्रेंस का आमंत्रण आ गया.

वहाँ पहुँचकर भी सुनने को मिला, 'बंगलौर में पानी पहुँचाना बहुत कठिन काम है.'

'बंगलौर में वाहनों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि गाड़ियाँ सड़कों पर दौड़ती नहीं रेंगती हैं.'

'गाड़ियों की वजह से वायु प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि ख़तरे की सीमा पार कर चुका है. ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ गया है...' आदि आदि...

अरे ठहरिए ये कर्नाटक के किसी विपक्षी दल की प्रेस कांफ़्रेंस नहीं थी...

ये सब तो कर्नाटक सरकार के अफ़सर बता रहे थे जो दिल्ली में ये बताने आए थे कि बंगलौर की हालत उतनी ख़राब नहीं है जितनी अख़बारों में छप रही है.

यक़ीन नहीं होता न कि उन्होंने ये सब कहा होगा, मुझे भी नहीं हुआ था जब मैंने मुख्यमंत्री धरमसिंह की उपस्थति में उनके अफ़सरों को यह सब सूचनाएँ देते देखा.

अफ़सरों ने कहा

आप तो अब भी नहीं मान रहे हैं... तो पढ़ लीजिए कि बंगलौर के मेट्रो परियोजना के प्रभारी केएन श्रीवास्तव क्या कह रहे थे वहाँ, "कुछ दिनों पहले जो वाहन 20 किलोमीटर की रफ़्तार से चला करते थे अब उनकी गति 12 किलोमीटर रह गई है. वायु प्रदूषण बढ़ गया है और शहर में शोर भी बहुत बढ़ गया है."

 कुछ दिनों पहले जो वाहन 20 किलोमीटर की रफ़्तार से चला करते थे अब उनकी गति 12 किलोमीटर रह गई है. वायु प्रदूषण बढ़ गया है और शहर में शोर भी बहुत बढ़ गया है
केएन श्रीवास्तव, मेट्रो परियोजना के अधिकारी

एक-एक करके आठ अफ़सर अफ़सर बंगलौर के बारे में वही सब बयान कर चुके जिसका ज़िक्र करके मीडिया कह रहा था कि बंगलौर शहर मर रहा है तो मुख्यमंत्री धरमसिंह की बारी आई.

उन्होंने एक सवाल के जवाब में स्वीकार कर लिया कि सॉफ़्टवेयर कंपनियाँ सच में बंगलौर छोड़ कर जा रही हैं.

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के साथ मंच पर बैठे हुए उन्होंने विप्रो के प्रमुख अजीम प्रेमजी से कहा था कि वे बंगलोर छोड़कर न जाएँ तो अजीम प्रेमजी ने उनसे शिकायत की थी कि शहर में उनकी गाड़ियाँ कई जा नहीं पा रही हैं और सुविधाएँ नहीं हैं.

मुख्यमंत्री ने यह सब बयान करने के बाद बताया कि उन्होंने अजीम प्रेमजी से कहा है कि वे बंगलोर छोड़कर न जाएँ क्योंकि वे सब कुछ ठीक करने वाले हैं.

दिल्ली के एक पाँच सितारा होटल में पत्रकारों को बुलवाकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री मानों साबित करना चाहते थे कि वे कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.

 मुझे विधानसभा का 34 साल का अनुभव है और मैंने कई उतार चढ़ाव देखें हैं, कोई भी इस समय चुनाव नहीं चाहता तो हम मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद भी इसी रफ़्तार से चलते रहेंगे
मुख्यमंत्री धरमसिंह

गठबंधन के इतने दिनों में ये मंज़र कभी नहीं आया रहा होगा कि कोई मुख्यमंत्री ये स्वीकार करे कि उनके गठबंधन में दिक़्क़तें हैं. लेकिन उन्होंने यह भी किया.

और आख़िर में मुख्यमंत्री से पूछा कि साहब छह महीने से तो आप मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर पा रहे थे अब जब आप घोषणा कर रहे हैं कि 15 दिसंबर के बाद आप मंत्रिमंडल का विस्तार कर रहे हैं तो क्या इसके बाद सुस्त पड़ी विकास की रफ़्तार में कोई फ़र्क आएगा तो उनका जवाब था, "मुझे विधानसभा का 34 साल का अनुभव है और मैंने कई उतार चढ़ाव देखें हैं, कोई भी इस समय चुनाव नहीं चाहता तो हम मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद भी इसी रफ़्तार से चलते रहेंगे."

इसका मतलब जिसे जो निकालना हो निकालता रहे.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>