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दिल्ली बलात्कार मामले ने तूल पकड़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली में 23 वर्षीय एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले में गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त केके पॉल को तलब किया. मुलाक़ात के बाद पुलिस आयुक्त पॉल ने कहा कि हमें कुछ सुराग मिले हैं और इस समय हमारी प्राथमिकता दोषियों को पकड़ना है. उनका कहना था कि अपराध शाखा और पुलिस दोनों इस पर काम कर रहे हैं. इधर पुलिस अपराधियों के स्केच तैयार कर रही है. दूसरी ओर महिला आयोग की अध्यक्ष गिरजा व्यास ने इसको बेहद गंभीर मामला बताया है और इसे जल्द सुलझाने की माँग की है. गिरजा व्यास ने सरकार से बलात्कार क़ानूनों में बदलाव की माँग की है ताकि अपराधियों को जल्द सज़ा मिल सके. उल्लेखनीय है कि मंगलवार की सुबह दिल्ली के मायापुरी इलाक़े से इस गर्भवती महिला को चार लोगों ने अपहरण कर लिया था और उसके बाद चलती हुई कार में उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और पीतमपुरा इलाक़े में छोड़ दिया गया. इस घटना को दो महिलाओं ने देखा था. इस महिला को अस्पताल ले जाया गया जहाँ बलात्कार की पुष्टि हुई. इस साल मई में दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ धौला कुँआ इलाक़े में बलात्कार किया गया था. इस छात्रा का भी कार में सवार युवकों ने अपहरण किया था और बलात्कार किया गया था. इस दौरान कार दिल्ली का चक्कर लगाती रही थी. इस मामले ने भी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा दिए थे. |
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