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जागीर कौर प्रबंधक कमेटी से निलंबित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय पंजाब में सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग (एसजीजेसी) ने बीबी जागीर कौर को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से पाँच साल के लिए निलंबित कर दिया है. बीबी जागीर कौर पर आरोप है कि उन्होंने वित्तीय हेराफेरी करके शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को लगभग 2.5 करोड़ रुपए का नुक़सान पहुँचाया है. लेकिन जागीर कौर ने इस फ़ैसले को 'अवैध' क़रार दिया है और घोषणा की है कि वो फ़ैसले की प्रति मिलने के बाद इसे पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती देंगी. सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग के अध्यक्ष कश्मीर सिंह पट्टी ने मंगलवार को घोषणा की कि जागीर कौर को एसजीपीसी के अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया है और उनकी प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी गई है. सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग का आरोप है कि जागीर कौर ने अकाली कार्यकर्ताओं के बच्चों को श्री गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज में एनआरआई कोटे से दाख़िला दिलवा दिया जिससे लगभग 2.5 करोड़ रुपए का नुक़सान हुआ. सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग ने कहा है कि बीबी जागीर कौर को क़रीब छह लाख डॉलर की रक़म वापस एसजीपीसी को देने को कहा गया है. उन्हें किसी सिख धार्मिक स्थल में भी कोई पद लेने से मनाही कर दी गई है लेकिन बीबी जागीर कौर ने कहा कि वह इस निलंबन आदेश के बावजूद शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष के रूप में काम करती रहेंगी. जागीर कौर ने कहा कि वो अपने पद से इस्तीफ़ा नहीं देंगी क्योंकि उनका चुनाव प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने किया है. बीबी जागीर कौर ने कहा, "यह फ़ैसला राजनीति से प्रेरित और भेदभावपूर्ण है." बीबी जागीर कौर ने कहा कि उनके ख़िलाफ़ यह कार्रवाई प्रदेश के कांग्रेसी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के कहने पर लिया गया है. शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी को 'सिखों की संसद' भी कहा जाता है. सिखों के ज़्यादातर गुरुद्वारों पर इसका ही नियंत्रण है. जागीर कौर पहले भी एसजीपीसी की अध्यक्ष रह चुकीं हैं. माना जाता है कि जागीर कौर को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल का समर्थन हासिल है. |
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