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मंगलवार, 19 जुलाई, 2005 को 13:39 GMT तक के समाचार
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'अमरीका से समझौता बेहद अहम है'

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह औऱ राष्ट्रपति बुश
अमरीका और भारत में परमाणु विकास पर अहम समझौता हुआ है
भारत और अमरीका के बीच हुआ समझौता बेहद महत्वपूर्ण है.

यह भारत और अमरीका के संबंधों में अहम परिवर्तन का संकेत भी देता है.

जब मैं विदेश सचिव था तब रणनीतिक साझेदारी के संबंध में बातचीत की शुरूआत हुई थी.

अब अमरीका ने साझेदारी की बात स्वीकार कर ली है. भारत को भी विज्ञान के क्षेत्र में उन्नत देशों के सहयोग का लाभ मिलेगा.

साथ ही भारत को शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग का आश्वासन भी दिया गया है.

राष्ट्रपति जार्ज बुश ने कहा है कि वो अमरीकी संसद से इसकी सहमति के लिए प्रयास करेंगे.

पिछले 30 वर्षों से भारत की परमाणु कार्यक्रम चिंता का विषय रहा है. उसमें नरम रुख़ अपनाकर सहयोग का आश्वासन देना बड़ी बात है.

यह सही बात है कि इस घोषणाओं के क्रियान्वयन में समय लगेगा.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि जब राष्ट्रपति बुश भारत के दौरे पर आएँगे तब तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.

इससे तारापुर परमाणु संयंत्र को आवश्यक ईंधन मिल सकेगा.

इसको लेकर अमरीका ने पहले वादा किया था और अब नए समझौते के बाद इसमें दिक्कत नहीं आनी चाहिए.

हम चाहते हैं कि भारत सुरक्षा परिषद का सदस्य बने पर इसमें समय लग सकता है.

अमरीका ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र में सुधार सुरक्षा परिषद के साथ ही होने चाहिए.

इधर जी-4 देशों की मुहिम तूल तो पकड़ी लेकिन विरोधी भी सक्रिय हो गए.

लेकिन अमरीका ने अब तक ऐसा कोई बयान नहीं दिया है जो भारत के ख़िलाफ़ जाता हो.

अमरीका ने तो ऐसे संकेत दिए हैं कि महत्वपूर्ण संस्थाओं में भारत को भी अहम भूमिका निभानी चाहिए.

(नागेंदर शर्मा से बातचीत पर आधारित)

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