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'नौ घुसपैठिए मारे गए, संघर्ष जारी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता का कहना है कि सुरक्षाबलों ने नौ 'घुसपैठियों' को नियंत्रण रेखा के नज़दीक भारत प्रशासित कश्मीर के गुरेज़ इलाक़े में मार दिया है. लेकिन अभी सुरक्षाबलों और घुसपैठियों के बीच संघर्ष जारी है. यह संघर्ष मंगलवार को शुरू हुआ था. प्रवक्ता का कहना था कि ख़राब मौसम के कारण इस अभियान में मुश्किलें पेश आ रही हैं. सेना के प्रवक्ता का कहना था कि भारतीय सुरक्षाबलों ने 22 अप्रैल के बाद से भारत प्रशासित कश्मीर में घुसपैठ की 15 कोशिशों को नाकाम किया है. भारतीय सुरक्षाबलों और 'घुसपैठियों' के बीच पिछले चार दिनों से संघर्ष चल रहा है. प्रवक्ता के अनुसार यह मुठभेड़ मंगलवार को तब शुरु हुई जब सीमा पर तैनात सैनिकों ने बारामूला ज़िले के सीमावर्ती इलाक़े गुरेज़ में 'घुसपैठियों' को देखा. सेना का कहना है कि घुसपैठिए ग्रेनेड लांचर और अन्य आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह इलाक़ा बर्फ़ीला है और लगभग 16 हज़ार फीट की ऊँचाई पर है. आठ जुलाई को भारत प्रशासित कश्मीर के पुंछ ज़िले में नियंत्रण रेखा के नज़दीक मुठभेड़ में सात लोग मारे गए थे. इसमें सेना के तीन जवान और चार चरमपंथी शामिल थे. सेना का कहना था कि जब पाकिस्तान की ओर से 'घुसपैठिए' प्रवेश कर रहे थे तो उस दौरान ये मुठभेड़ हुई थी. यह मुठभेड़ भीमबर गली इलाक़े में हुई थी और दो दिनों तक चली थी. |
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