| संघर्ष में पाँच 'घुसपैठिए' मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता के अनुसार भारतीय प्रशासित कश्मीर में भारतीय सेना ने पाँच 'घुसपैठियों' को मार दिया है. ये घटना नियंत्रण रेखा के पास गुरेज़ क्षेत्र में हुई. प्रवक्ता के मुताबिक़ हताहत होने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि अभी भी कई 'घुसपैठिए' ऊंचाई वाले इलाक़े में हैं. उन्होंने कहा कि ख़राब मौसम और पहाड़ी इलाक़े के कारण यह मुठभेड़ काफ़ी लंबी हो गई है. भारत प्रशासित कश्मीर में भारतीय सुरक्षाबलों और 'घुसपैठियों' के बीच पिछले तीन दिनों से संघर्ष चल रहा है. प्रवक्ता के अनुसार यह मुठभेड़ मंगलवार को तब शुरु हुई जब सीमा पर तैनात सैनिकों ने बारामूला ज़िले के सीमावर्ती इलाक़े गुरेज़ में 'घुसपैठियों' को देखा. सेना का कहना है कि घुसपैठिए ग्रेनेड लांचर और अन्य आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन 'घुसपैठियों' को घेर लिया गया है और उनके भागने के रास्ते बंद कर दिए गए हैं. यह इलाक़ा बर्फ़ीला है और लगभग 16 हज़ार फीट की ऊँचाई पर है. आठ जुलाई को भारत प्रशासित कश्मीर के पुंछ ज़िले में नियंत्रण रेखा के नज़दीक मुठभेड़ में सात लोग मारे गए थे. इसमें सेना के तीन जवान और चार चरमपंथी शामिल थे. सेना का कहना था कि जब पाकिस्तान की ओर से 'घुसपैठिए' प्रवेश कर रहे थे तो उस दौरान ये मुठभेड़ हुई थी. यह मुठभेड़ भीमबर गली इलाक़े में हुई थी और दो दिनों तक चली थी. |
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