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बगलिहार के दौरे पर केंद्रीय जल मंत्री | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्रीय जल संसाधन मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी विवादास्पद बगलिहार पनबिजली परियोजना का दौरा कर रहे हैं. वे जम्मू के डोडा ज़िले में चनाब नदी पर बन रही परियोजना का पूरा मुआयना करने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपनी रिपोर्ट देंगे. बगलिहार पनबिजली परियोजना के मामले में पाकिस्तान ने विश्व बैंक से शिकायत की है कि भारत 1960 के सिंधु जल बँटवारे के समझौते का उल्लंघन कर रहा है. भारत का कहना है कि वह ऐसा कुछ नहीं कर रहा है जिससे पाकिस्तान के हितों को नुक़सान पहुँचता हो. 1960 का जल समझौता विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुआ था और अब इस विवाद में भी पाकिस्तान ने उसकी मदद माँगी है. 450 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता वाली इस परियोजना के बारे में पाकिस्तान का कहना है कि इससे उसे मिलने वाला पानी कम हो जाएगा लेकिन भारत इससे सहमत नहीं है. इस मुआयने के लिए केंद्रीय जल मंत्री के साथ जम्मू कश्मीर के ऊर्जा मंत्री नियाज़ मोहम्मद शरीफ़ भी गए हैं. विश्व बैंक की ओर इस मामले में मध्यस्थता करने के लिए नियुक्त किए गए प्रतिनिधि और पाकिस्तान के विशेषज्ञ भी जल्दी ही बगलिहार बाँध का मुआयना करेंगे. दासमुंशी का कहना है कि विश्व बैंक के अधिकारी अपनी जाँच-पड़ताल अगले वर्ष जनवरी तक पूरी कर लेंगे और उसके बाद विवाद पर सुनवाई शुरू होगी. इससे पहले पेरिस में विश्व बैंक के मध्यस्थ के साथ भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच काफ़ी विस्तृत चर्चा हो चुकी है. |
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