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पाकिस्तान ने विश्व बैंक से अपील की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान का कहना है कि वह भारतीय कश्मीर में बन रही बगलिहार बाँध परियोजना को लेकर भारत के साथ चल रहे विवाद में मध्यस्थ की सहायता चाहता है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि उन्होंने विश्व बैंक से अपील की है कि वह मामले में मध्यस्थता करे. पाकिस्तानी प्रवक्ता मसूद ख़ान का कहना है कि भारत बाँध के मामले में झुकने को तैयार नहीं है, पाकिस्तान का कहना है कि बाँध का निर्माण दोनों देशों के बीच हुई जल संधि का उल्लंघन है. भारत ने पाकिस्तान के रवैए ग़लत बताया है और कहा है कि बाँध का निर्माण किसी संधि का उल्लंघन नहीं है. इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता पॉल एंडरसन का कहना है कि बाँध का मामला दोनों देशों के बीच चल रही शांति प्रक्रिया में खलल डाल सकता है. बाँध भारत बगलिहार बाँध का निर्माण चेनाब नदी पर कर रहा है जो भारतीय कश्मीर से होती हुई पाकिस्तान के इलाक़े में जाती है. पाकिस्तान का कहना है कि बाँध के बन जाने से पाकिस्तान को मिलने वाले पानी में कमी आ जाएगी. पाकिस्तान का कहना है कि इस परियोजना की वजह से 1960 में हुई वह जल संधि ख़तरे में है जो विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई थी. मसूद ख़ान ने कहा, "भारत बाँध का काम लगातार आगे बढ़ाता जा रहा है, यह जल संधि का उल्लंघन है इसलिए हमने विश्व बैंक के पास जाने का फ़ैसला किया है." भारत का कहना है कि बाँध का काम और दोनों देशों के बीच चल रही शांति प्रक्रिया साथ-साथ चल सकते हैं. भारत ने ज़ोर देकर कहा है कि बाँध संधि के अनुरूप है, भारत न तो पानी की धार को रोक रहा है न ही अपने क्षेत्र में जमा कर रहा है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने कहा है, "हमें नहीं लगता कि इस मामले को लेकर विश्व बैंक के पास जाने का कोई औचित्य नहीं है." |
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