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पुलवामा विस्फोट के विरोध में हड़ताल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में हुए विस्फोट में आम लोगों के मारे जाने के विरोध में मंगलवार को हड़ताल रही. जम्मू कश्मीर के पुलवामा में एक सरकारी स्कूल के सामने हुए विस्फोट में 11 आम नागरिक और तीन पुलिसकर्मी मारे गए थे. पुलवामा श्रीनगर से 50 किलोमीटर दक्षिण में है. अधिकारियों का कहना है कि इसके पीछे चरमपंथियों का हाथ है जबकि अलगाववाद गुट भारतीय एजेंसियों को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराते हैं. विस्फोट के विरोध में हड़ताल हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े माने जानेवाले सैयद अली शाह गिलानी गुट ने आयोजित की थी. चरमपंथी गुट यूनाइटेड जेहाद कॉउंसिल ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया. बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन का कहना है कि कुपवाड़ा को छोड़कर भारत प्रशासित कश्मीर के ज्यादातर हिस्सों में लगभग सभी दुकानें बंद रहीं. इस बीच पुलिस ने पुलवामा जाने की कोशिश कर रहे प्रमुख अलगाववादी नेताओं को हिरासत में लिया. इसमें सैयद अली शाह गिलानी,शब्बीर शाह और जावेद मीर शामिल हैं. अधिकारियों को शक है कि विस्फोट स्कूल के सामने खड़ी एक कार के कारण हुआ. इस विस्फोट से स्कूल के भवन को भी क्षति पहुँची है. |
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