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शनिवार, 04 जून, 2005 को 16:48 GMT तक के समाचार
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'भारत ने कश्मीर को विवादित माना'
हुर्रियत नेता
हुर्रियत के नेताओं का मुज़फ़्फ़राबाद में ज़ोरदार स्वागत हुआ
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने भारत प्रशासित कश्मीर के हुर्रियत नेताओं की पाकिस्तान यात्रा के राजनितिक महत्व की ओर ध्यान आकर्षित किया है.

उनका कहना था, "हुर्रियत नेता न तो भारतीय पासपोर्ट पर आए हैं और न ही पाकिस्तानी वीज़ा पर. इससे ये साबित होता है कि भारत और पाकिस्तान - दोनों ने ये मान लिया है कि भारत प्रशासित कश्मीर विवादित इलाक़ा है."

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का कहना था, "ये दोनों देशों के बीच आपसी समझदारी बढ़ने और लचीला रुख़ अपनाए जाने का अच्छा उदाहरण है. अब कश्मीर समस्या के समाधान पर इससे आगे बातचीत हो सकती है. हमें आशा है कि ऐसा होगा. "

 हुर्रियत नेता न तो भारतीय पासपोर्ट पर आए हैं और न ही पाकिस्तानी वीज़ा पर. इससे ये साबित होता है कि दोनो भारत और पाकिस्तान ने ये मान लिया है कि भारत प्रशासित कश्मीर विवादित इलाक़ा है
राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़

जब बीबीसी हिंदी सेवा ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति के बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना से भारत की प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इनकार कर दिया.

उधर पाकिस्तान के राष्ट्रपति ये बयान देने के बाद संयुक्त अरब अमीरात और कतर की यात्रा पर निकल गए हैं.

इस्लामाबाद पहुँचे नेता

भारत प्रशासित कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के नेता पाकिस्तान यात्रा के दौरान शनिवार को वे इस्लामाबाद पहुँच गए.

राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ मंगलवार को इन नेताओं से मुलाक़ात करेंगे और इन नेताओं की मुलाकात प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ के अलावा कुछ अधिकारियों से भी होगी.

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि कश्मीरी नेताओं की यात्रा से दोनों देशों के रुख में आया लचीलापन भी नज़र आता है.

उधर हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उदारवादी धड़े के नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक ने कहा, "हम यहाँ कुछ प्रस्ताव लेकर आए हैं और उन्हें सार्वजनिक करने से पहले उन पर पाकिस्तान के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा."

कुछ प्रस्ताव
 हम यहाँ कुछ प्रस्ताव लेकर आए हैं और उन्हें सार्वजनिक करने से पहले उन पर पाकिस्तान के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा.
मीरवाइज़ उमर फ़ारूक

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भारत और पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे पर कश्मीरियों से सलाह किए बिना किसी फ़ैसले पर नहीं पहुँचना चाहिए.

उमर फ़ारूक ने कहा, "सिर्फ़ भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह की बातचीत से कश्मीर मुद्दे को नहीं सुलझाया जा सकता और कश्मीरियों को भी उस बातचीत में विश्वास में लिया जाना चाहिए."

इस बीच पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के प्रधानमंत्री सरदार सिकंदर हयात ने कहा है कि कश्मीर के दोनों हिस्सों के बीच बस सेवा शुरू होने से उम्मीद की एक नई किरण जागी है और कश्मीर समस्या समाधान की तरफ़ बढ़ रही है.

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ़ पाकिस्तान के अनुसार सिकंदर हयात ने कहा, "बस सेवा से दोनों तरफ़ के कश्मीर के लोगों को आपस में मिलने का अच्छा मौक़ा मिला है और यह महत्वपूर्ण प्रगति है."

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