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सियाचिन पर बातचीत 26 मई को | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत सियाचिन मुद्दे पर भारत के साथ आगामी 26 मई को रावलपिंडी में बातचीत होगी. सियाचिन दुनिया का सबसे ऊँचा युद्ध क्षेत्र है जिस पर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद भी है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जलील अब्बास जीलानी के अनुसार पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लैफ़्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) तारिक़ वसीम ग़ाज़ी करेंगे और प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी भी होंगे. इस बातचीत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा सचिव अजय विक्रम सिंह करेंगे और भारतीय प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह बुधवार को इस्लामाबाद पहुँचेगा. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि 1989 में यह सहमति हुई थी कि भारत अपनी पुरानी स्थिति पर वापिस लौट जाए लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ है. पाकिस्तान का कहना है कि सियाचिन ग्लैशियर में जहाँ पाकिस्तानी सेना हुआ करती थी वहाँ भारतीय सेना ने 1984 में क़ब्ज़ा कर लिया था. उस समय पाकिस्तान में जनरल ज़ियाउल हक़ का शासन था. पाकिस्तान तभी से कहता रहा है कि भारतीय सेना ने 1972 के शिमला समझौते और उससे पहले 1949 में हुए कराची समझौते का उल्लंघन किया है. पाकिस्तान की माँग रही है कि भारतीय सेना 1972 की स्थिति पर वापस जाए और वे इलाक़े ख़ाली करे जिन पर उसने क़ब्ज़ा कर रखा है. ग़ौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध बेहतर बनाने के लिए प्रयासों का दौर पिछले साल से शुरू हुआ है और विभिन्न मुद्दों पर बातचीतच हो रही है. दोनों देशों के हिस्से वाले कश्मीरी क्षेत्रों के बीच भी सीधी बस सेवा शुरू हो चुकी है. |
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