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गुरुवार, 19 मई, 2005 को 11:40 GMT तक के समाचार
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अधिकारियों के तबादले पर नाराज़गी
लालू
विपक्ष का आरोप है कि फ़ैसला लालू यादव को ख़ुश करने के लिए किया गया
बिहार के राज्यपाल बूटा सिंह ने सिवान और गोपालगंज के ज़िलाधिकारियों का तबादला कर दिया है जिसका विपक्ष ने कड़ा विरोध किया है.

सिवान के ज़िलाधिकारी सीके अनिल राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को ज़िला बदर करने और उनके घर पर छापा मारने के लिए सुर्ख़ियों में आए.

केके पाठक गोपालगंज के ज़िलाधिकारी रहे हैं और उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद के साले साधु यादव को ज़िला बदर करने का आदेश दिया था.

राज्य के मुख्य सचिव केएएच सुब्रह्मण्यम ने कहा है कि राज्यपाल ने इस फ़ैसले को मंज़ूरी दी है.

 यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि दो ईमानदार आईएएस अधिकारियों बिना कारण बताए पद से हटा दिया गया है क्योंकि वे शहाबुद्दीन और साधु यादव के आतंक को समाप्त करने की कोशिश में जुटे हुए थे
सुशील कुमार मोदी

विपक्ष ने राज्यपाल से माँग की है कि वे तत्काल दोनों अधिकारियों के तबादले के फ़ैसले को वापस लें.

सीके अनिल ने शहाबुद्दीन के ख़िलाफ़ कई आपराधिक मामले दर्ज किए थे और उनके कई ठिकानों पर छापा मारकर हथियार और एक जीवित हिरण बरामद किया था.

अनिल ने शहाबुद्दीन को सिवान जेल से हटाकर पटना की जेल में रखने का आदेश भी दिया था लेकिन राज्य की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इस आदेश को मंज़ूरी नहीं दी और चुनाव के बाद शहाबुद्दीन जेल से रिहा कर दिए गए.

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुशील कुमार मोदी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि दो ईमानदार आईएएस अधिकारियों बिना कारण बताए पद से हटा दिया गया है क्योंकि वे शहाबुद्दीन और साधु यादव के आतंक को समाप्त करने की कोशिश में जुटे हुए थे."

मोदी का कहना है कि राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को 'ख़ुश करने के लिए' राज्यपाल ने यह क़दम उठाया है क्योंकि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को वे समर्थन दे रहे हैं.

सुशील कुमार मोदी ने कहा, "असल में लालू प्रसाद यादव ही राज्यपाल के दफ़्तर पर नियंत्रण रखते हैं."

रामविलास पासवान के नेतृत्व वाली लोकजनशक्ति पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने भी राज्यपाल के इस फ़ैसले की कड़ी आलोचना की है, उन्होंने कहा, "इस क़दम ने राष्ट्रपति शासन की छवि मलिन की है क्योंकि दोनों अधिकारी सिवान और गोपालगंज में अपराधियों के ख़िलाफ़ बहुत ही अच्छा काम कर रहे थे."

लोकजनशक्ति पार्टी ने भी इन दोनों अधिकारियों का तबादला रद्द करने की माँग की है.

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