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उत्तरांचल में बस दुर्घटना में 36 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तरांचल में रूद्रप्रयाग के पास एक बस दुर्घटना में 36 लोगों की मौत हो गई है और 21 लोग घायल हो गये हैं. दस से 15 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं इसलिये आशंका व्यक्त की जा रही है कि दुर्घटना में मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. ये बस श्रीनगर से बारात लेकर चमोली जा रही थी. इस दुर्घटना की ख़बर मिलते ही चमोली जिले के मैठाणा गांव में शादी के आयोजन का उल्लास गहरे दुख और शोक में बदल गया. ये बस आज सुबह ही बारात लेकर चली थी. जब रूद्रप्रयाग और गोचर के बीच एक संकरे मोड़ पर बस नियंत्रण से बाहर हो गई और लुढ़क कर नीचे बह रही अलकनंदा नदी की खाई में करीब 150 मीटर नीचे गिर गई. अभी तक ये साफ़ नहीं हो पाया है कि वास्तव में बस में कितने लोग सवार थे. लेकिन अनुमान है कि बस क़रीब 70 बारातियों को लेकर चली थी. जांच रूद्रप्रयाग के जिलाधीश यूके चौबे के अनुसार ये बस 40 सीटोंवाली थी और इसमें क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे. उनका कहना है कि यहां तक कि लोगों के अनुसार कुछ यात्री बस की छत पर भी सवार थे. उन्होंने बताया कि दुर्घटना की मजिस्ट्रेट स्तर की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और इस इलाक़े के यातायात अधिकारियों को भी इस बात का पता लगाने के लिये बुलाया गया है कि क्षमता से अधिक सवारी की बस को कैसे रोका नहीं गया. ये दुर्घटना जिस सड़क पर हुई है वह दिल्ली से बद्रीनाथ धाम को जोड़नेवाला राष्ट्रीय राजमार्ग है और दुर्घटनाओं के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है. चार दिन पहले ही बद्रीनाथ यात्रा शुऱू हुई है और सरकार ने इस मार्ग को शून्य दुर्घटना क्षेत्र बनाने का दावा किया था जो कि यात्रा सीजन के शुरूआती दिनों में ही लड़खड़ाता नजर आ रहा है. लिहाजा यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिये ये एक बड़ी चिंता का विषय है. |
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