|
तीर्थयात्रियों को जोशीमठ लाया गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तरांचल में जोशीमठ के निकट मंगलवार को ज़मीन धँसने से जो लोग फँस गए थे उनमें से कुछ को जोशीमठ सुरक्षित पहुँचा दिया गया है. ये लोग बद्रीनाथ तीर्थस्थान जा रहे थे कि मंगलवार रात को ज़मीन धँसने से उसमें क़रीब चार हज़ार लोग फँस गए और जोशीमठ का देश के अन्य भागों से संपर्क टूट गया था. बुधवार को प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया और कुछ लोगों को जोशीमठ लाया गया है. लोगों को बचाने में हेलिकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है, भारी बारिश ने राहत कार्यों में मुश्किल खड़ी की है. बद्रीनाथ यात्रा एक महीने के लिए स्थगित कर दी गई है. संपर्क टूटा भारी बारिश और बादल फटने के कारण हूए भूस्खलन से देहरादून को बद्रीनाथ से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क पर आवागमन ठप हो गया है. इस भूस्खलन से तीन वाहन अलकनंदा नदी में जा गिरे थे जिनमें अधिकारियों के अनुसार कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई. समाचार एजेंसी ने उत्तरांचल के मुख्य सचिव आरएस तोलिया ने 17 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है लेकिन अनाधिकारीक सूत्रों के अनुसार मृतकों की संख्या 30 से ज़्यादा हो सकती है. जोशीमठ के निकट इस सड़क पर क़रीब 250 मीटर का रास्ता ज़मीन खिसकने के कारण बंद हो गया. अधिकारियों का कहना है कि रास्ते को पूरी तरह इस्तेमाल लायक बनाने में कम से कम एक महीने का समय लग सकता है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||