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बद्रीनाथ में हज़ारों तीर्थ यात्री फँसे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तरांचल में जमीन खिसकने के कारण देहरादून का तीर्थस्थान बद्रीनाथ से संपर्क टूट गया है. इस कारण क़रीब चार हज़ार तीर्थयात्री फँस गए हैं. भारी बारिश और बादल फटने के कारण देहरादून को बद्रीनाथ से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क पर आवागमन ठप हो गया है. जोशीमठ के निकट इस सड़क पर क़रीब 200 मीटर का रास्ता जमीन खिसकने के कारण बंद हो गया है. अधिकारियों का कहना है कि रास्ते को पूरी तरह इस्तेमाल लायक बनाने में कम से कम एक महीने का समय लग सकता है. राहत कार्य के लिए सीमा सुरक्षा बल के जवानों को बुलाया गया है. प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी आरएस टोलिया ने बीबीसी को बताया कि फँसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद ली जा सकती है. मंगलवार को ही उत्तरांचल में एक बस के अलकनंदा नदी में गिर जाने के कारण 19 लोगों की मौत हो गई. यह हादसा उस समय हुआ जब चलती बस पर एक बड़ा पत्थर गिर गया. एक दिन पहले ही अल्मोड़ा ज़िले में एक बस दुर्घटना में 29 लोग मारे गए थे. |
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