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मायावती से पूछताछ को लेकर हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों ने मायावती से सीबीआई की पूछताछ को लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया. इसके कारण लोकसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी. जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई बसपा सांसदों ने दोनों सदनों में सीबीआई जाँच के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी शुरू कर दी. हालांकि लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने उन्हें चेतावनी दी फिर भी उन्होंने नारेबाज़ी जारी रखी. इसके पहले बसपा सांसदों की एक बैठक हुई जिसमें यूपीए सरकार से समर्थन वापसी का फ़ैसला मायावती पर छोड़ दिया गया. बसपा यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही है. ताज कॉरिडोर मामले में बसपा नेता मायावती से पूछताछ को लेकर बसपा नेता उत्तेजित थे. मामला इसके पहले ताज कॉरिडोर मामले में पूछताछ को लेकर मायावती ने सीबीआई पर भेदभाव का आरोप लगाया था. मायावती ने कहा था कि क्योंकि वो दलित हैं इसलिए सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति रखने और ताज कॉरिडोर मामले में उनके ख़िलाफ़ दो अलग-अलग प्राथमिकी दाख़िल की हैं. मायावती ने बुधवार को घोषणा की थी कि अगर यूपीए सरकार इसी तरह मौन रही तो वो सरकार को समर्थन वापसी के बारे में विचार करेंगी. साथ ही उन्होंने मांग की कि सभी पार्टियों के अध्यक्षों और उनके सगे संबधियों की आय और संपत्ति की जाँच होनी चाहिए. उल्लेखनीय है कि मायावती के मुख्यमंत्री रहते हुए ताजमहल के पास एक व्यावसायिक परिसर बनाए जाने की कोशिश की गई थी जिसपर पुरातत्वविदों और विशेषज्ञों ने आपत्ति जताई थी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह मामला सीबीआई को सौंपा गया था. सुप्रीम कोर्ट ने ही पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, उनके प्रधान सचिव और कुछ अन्य अधिकारियों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. |
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