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सप्तर्षि के आरोपों पर संसद में हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
छपरा के चुनाव में पुनर्मतदान के मसले पर एक प्रशासनिक अधिकारी एलवी सप्तर्षि ने चुनाव आयुक्तों पर जो आरोप लगाए हैं उसे लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ. सरकार में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सदस्यों ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में हंगामा किया और सरकार से इस मसले पर बयान देने की मांग की. कांग्रेस के सदस्यों ने भी आरजेडी सदस्यों का साथ दिया. आरजेडी सदस्य अपनी जगह पर खड़े होकर शोर मचाते रहे. लेकिन लोकसभाध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी और राज्यसभा में सभापति भैरोसिंह शेखावत ने इस मुद्दे पर चर्चा करने की अनुमति नहीं दी और कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर चर्चा बिना नोटिस दिए नहीं करवाई जा सकती. हंगामें के बीच लोकसभा अध्यक्ष चटर्जी को सदस्यों पर सख़्त कार्रवाई करने की चेतावनी भी देनी पड़ी. उल्लेखनीय है कि शनिवार को एलवी सप्तर्षि ने आरोप लगाया था कि छपरा का चुनाव दो चुनाव आयुक्तों बीबी टंडन और गोपालस्वामी ने जातिगत भेदभाव के आधार पर पुनर्मतदान करवाया था. सप्तर्षि ने इसे लेकर क़ानून मंत्री हंसराज भारद्वाज को चिट्ठी भी लिखी थी. इसके बाद रेलमंत्री और छपरा से सांसद आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव ने दोनों चुनाव आयुक्तों के इस्तीफ़े की मांग की थी. |
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