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शहाबुद्दीन और रिश्तेदारों के यहाँ छापे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार में विशेष जाँच दल ने सिवान ज़िले के प्रतापपुर में कई घरों पर छापे मारे हैं. इसमें राष्ट्रीय जनता दल के सांसद शहाबुद्दीन और उनके कई रिश्तेदारों के निवास शामिल हैं. ख़बरें हैं कि छापे में एक विदेशी रिवॉल्वर, एके 47 के 80 कारतूस और एक ज़िंदा हिरण मिला है. इस दौरान तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर के अनुसार दोपहर बाद तक छापे जारी थे. उन्होंने ख़बर दी है कि ज़िला मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में ये छापे मारे गए हैं. शहाबुद्दीन अपने गाँव में नहीं थे क्योंकि वे इस समय ज़िला बदर हैं. इनकार बीबीसी संवाददाता के अनुसार शहाबुद्दीन ने इस बात से इनकार किया है कि जिन लोगों के यहाँ छापे मारे गए हैं वे उनके रिश्तेदार हैं. शहाबुद्दीन ने कहा है कि वे गाँव में रहने वाले लोग हैं जो उनकी बिरादरी के हो सकते हैं लेकिन उनके रिश्तेदार नहीं हैं. उन्होंने इस बात से भी इनकार किया है कि उनके निवास से कोई हथियार बरामद हुआ है. शहाबुद्दीन का कहना है कि उनके पास लाइसेंस पर 18 हथियार हैं और इसके अलावा कोई हथियार उनके निवास पर होने का सवाल नहीं है. जनसुनवाई इससे पहले ज़िलाधीश सीके अनिल ने प्रतापपुर में एक जनअदालत लगाकर एक जनसुनवाई का आयोजन किया था. इस जनसुनवाई में लोगों से पूछा गया था कि शहाबुद्दीन की वजह से गाँव के लोगों को क्या परेशानी है. इसके अलावा ज़िलाधीश सीके अनिल का कहना है कि पिछले लोकसभा चुनाव में शहाबुद्दीन ने जो शपथ पत्र दाखिल किया था उसमें ग़लत जानकारियाँ दी गई थीं. उनका कहना है कि शपथ पत्र में कहा गया था कि उनके ख़िलाफ़ 19 मामले चल रहे हैं लेकिन उस समय उनके ख़िलाफ़ 34 मामले चल रहे थे. उल्लेखनीय है कि शहाबुद्दीन को दो साल तक जेल में रहने के बाद जब ज़मानत मिली तो उन्हें ज़िला बदर कर दिया गया. कुछ बरस पहले भी शहाबुद्दीन के प्रतापपुर के निवास पर ही छापा मारा गया था जब पुलिस कार्रवाई के जवाब में शहाबुद्दीन के निवास से भी फ़ायरिंग की गई थी जिसमें आठ लोग मारे गए थे. |
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