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'भारत सभी समूहों से वार्ता का इच्छुक' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि सरकार ऐसे किसी भी समूह से बात करने की इच्छुक है जो हिंसा छोड़ना चाहता हो. आंतरिक सुरक्षा और क़ानून व व्यवस्था पर मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि भले ही राजनीतिक राय भिन्न हो पर चरमपंथ से सीधे मुक़ाबला करना होगा. उनका कहना था,''चरमपंथ से किसी भी तरह का राजनीतिक समझौता नहीं किया जा सकता है.'' मनमोहन सिंह ने कहा कि जो ग्रुप ईमानदार और सार्थक बातचीत करना चाहते हैं और हिंसा त्यागना चाहते हैं, उनसे सरकार बातचीत को तैयार है. ज़िम्मेदारी प्रधानमंत्री का कहना था कि श्रीनगर मुज़फ़्फ़राबाद बस यात्रियों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी भारत और पाकिस्तान दोनों की है. उनका कहना था कि बस सेवा में गड़बड़ी फ़ैलाने की कोशिश की गई तो जम्मू कश्मीर के लोग इसके विरोध में आ गए जो एक अच्छा संकेत है. इसके पहले मनमोहन सिंह कह चुके हैं कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से उनकी दिल्ली यात्रा के दौरान कश्मीर सहित सभी मुद्दों पर बातचीत हो सकती है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ 17 अप्रैल को भारत पाकिस्तान के बीच दिल्ली में आयोजित एकदिवसीय क्रिकेट मैच को देखने आ रहे हैं. हालांकि इसके पहले भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि यह बातचीत अनौपचारिक होगी. भारत का कहना है कि पाकिस्तान के साथ व्यापक बातचीत का एक दौर पूरा हो चुका है और अगला दौर शुरू होने वाला है. |
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