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नटवर की बुश से गर्मजोश मुलाक़ात | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि वह भारत के साथ संबंधों को एक नई दिशा में ले जाना चाहते हैं और इसके लिए अपने पूरे कार्यकाल में प्रयास करते रहेंगे. भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह ने अमरीका की राजधानी वाशिंगटन में गुरूवार को बुश से मुलाक़ात की है जिसे दोस्ताना माहौल में हुई बातचीत बताया गया है. मुलाक़ात में बुश ने निजी प्रतिबद्धता ज़ाहिर करते हुए कहा, "हम भारत के साथ दोस्ती को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए काम करेंगे." जॉर्ज बुश ने कहा कि वह इसी साल भारत की यात्रा करेंगे और वह भारतीय प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह की अमरीका यात्रा को लेकर भी काफ़ी उत्साहित हैं. मुलाक़ात के बाद भारत के विदेश सचिव श्याम सरन ने पत्रकारों को बताया कि जॉर्ज बुश ने भारतीय लोगों की प्रतिभा की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि एक अरब से भी ज़्यादा लोगों वाले लोकतंत्र का फलना-फूलना सचमुच सराहनीय बात है. भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह ने बुश से मुलाक़ात के बाद कहा कि उनकी बातचीत काफ़ी गर्मजोशी के साथ हुई और बुश ने अपने कार्यकाल में भारत के साथ संबंधों को एक नई दिशा दी है. यह मुलाक़ात अमरीकी राष्ट्रपति के ओवल दफ़्तर में हुई और क़रीब आधा घंटा चली. इसे काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. नटवर सिंह के साथ भारतीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया भी थे. ग़ौरतलब है कि 25 मार्च को अमरीका ने भारत के साथ सामरिक संबंध बढ़ाने की घोषणा की थी जिसमें एफ़-16 और एफ़-18 विमान देने के साथ - साथ रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग की बात शामिल है. इसके अलावा विज्ञान, ऊर्जा और परमाणु क्षेत्र में सहयोग की भी बात हो रही है और नटवर सिंह ने अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस से मुलाक़ात में इन मुद्दों पर बात भी की है. अमरीका को भारत और ईरान के बीच गैस पाइप लाइन पर आपत्ति है और संवाददताओं का कहना है कि अमरीका इसके बदले में ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग पर बातचीत के लिए तैयार नज़र आता है. |
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