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नटवर सिंह अमरीका के दौरे पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह अमरीका के दो दिन के दौरे के लिए रवाना हो गए हैं. अमरीका में उनकी बातचीत अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस और अमरीकी संसद के सदस्यों के साथ होगी. साथ ही राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यु बुश से भी उनकी मुलाक़ात हो सकती है. अमरीकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि नटवर सिंह की इस यात्रा से दोनों देशों के आपसी रिश्तों को मज़बूती मिलेगी. अमरीकी अधिकारियों ने कहा कि नटवर सिंह की यात्रा में दोनों पक्षों के बीच आपसी महत्व के कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. एफ़-16 और एफ़-18 अंतरराष्ट्रीय मामलों की जानकार प्रोफ़ेसर के पी विजयलक्ष्मी के अनुसार दोनों पक्षों में प्रमुख रूप से रक्षा और आर्थिक मामलों पर बात होने की संभावना है. उन्होंने कहा,"अभी भारत ने कहा है कि वह देख रहा है कि उसे किस तरह से लड़ाकू विमान चाहिए और क्या अमरीका उसमें बोली लगा सकता है. तो एफ़-16 और एफ़-18 की ख़रीद के मामले पर भी चर्चा हो सकती है". विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि बातचीत में आपसी महत्व के मुद्दों के अतिरिक्ष क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर भी चर्चा हो सकती है. साथ ही सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र के मुद्दे भी सामने आ सकते हैं. अमरीका चाहता है कि भारत इस वर्ष जून तक वेश्यावृति और बाल मज़दूरी जैसे मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करे. इस बारे में अमरीका ने इस संबंध में क़ानून को लागू किया है और भारत को निगरानी सूची में रखा हुआ है. |
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