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एफ 16 खरीदने पर विचार करेगा भारत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत का कहना है कि वो अमरीकी लड़ाकू विमान एफ -16 खरीदने पर विचार कर सकता है . अमरीका ने पिछले हफ्ते पाकिस्तान को एफ 16 बेचने के फैसले के बाद भारत के समक्ष भी ये विमान बेचने का प्रस्ताव रखा था. प्रतिरक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कोलकाता में संवाददाताओं से अमरीका के प्रस्ताव को सकारात्मक कदम बताया है. हालांकि प्रणव मुखर्जी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को एफ 16 देने का अमरीका का फैसला ऐसे समय में दक्षिण एशिया में हथियारों की दौड़ शुरु कर सकता है जब भारत और पाकिस्तान दोनों अपने मतभेदों को दूर करने के लिए बातचीत के रास्ते पर हैं. मुखर्जी ने कहा कि अमरीका के फैसले का समय सही नहीं है और इसके कारण भारत को मज़बूरन इस तरह के विमान लेने पड़ेंगे ताकि भारत की क्षमता में कोई कमी न आए. उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने इस संबंध में अपनी निराशा से अमरीका को भी अवगत करा दिया है. इंडियन चैंबर ऑफ कामर्स के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा कि अमरीका को पाकिस्तान को इनाम देने का कोई और तरीका खोजना चाहिए था. अमरीका ने पाकिस्तान को एफ 16 देकर भारत को मज़बूर कर दिया है. मुखर्जी ने कहा " अमरीका ने पहली बार हमारे समक्ष ऐसा प्रस्ताव रखा है. भारत सरकार अपनी ज़रुरतों को देखते हुए निश्चत तौर पर इसे खरीदने पर विचार करेगा. " मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि भारत को एफ 16 और एफ 18 दोनों तरह के लड़ाकू विमान बेचने का प्रस्ताव किया गया था. सामान्य तौर पर भारत अपने लड़ाकू विमानों के लिए ब्रिटेन, रुस और फ्रांस पर निर्भर रहा है. लेकिन अब अमरीका के साथ संबंध सुधरने के साथ ही व्यापार बढ़ने के भी आसार नज़र आ रहे हैं. भारतीय वायु सेना वैसे भी अगर कुछ वर्षों में नए विमानों को शामिल करने की योजना में है ताकि मिग 21 विमानों को पूरी तरह सेना से हटाया जा सके. भारतीय वायु सेना प्रमुख एस के त्यागी ने पिछले दिनों कोलकाता में ही कहा था कि भारत आने वाले दिनों में एफ 16, फ्रेंच मिराज और रुसी मिग 29 के नए संस्करण सेना में शामिल करना चाहता है. |
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