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एफ़16 विमान और भारत-पाकिस्तान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के एफ़-16 लड़ाकू विमान बहुत ख़तरनाक और सक्षम माने जाते हैं और दुनिया भर के बहुत से देश इन्हें ख़रीदते हैं. हालाँकि भारत ने भी ये विमान ख़रीदने की मंशा तो ज़ाहिर की थी लेकिन मामला सौदे तक नहीं पहुँचा. पाकिस्तान फिलहाल आतंकवाद के ख़िलाफ़ अमरीकी लड़ाई में एक प्रमुख सहयोगी देश है और पाकिस्तान को ये विमान बेचने के इस फ़ैसले को राजनयिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण क़दम माना जा रहा है. अपने पड़ोसी देश को ऐसा अत्याधुनिक विमान दिए जाने के इस मुद्दे पर भारत की चिंता होना स्वभाविक है. अमरीका में 11 सितंबर 2001 के हमले की जाँच करने वाले आयोग ने सिफ़ारिश की थी कि अमरीका पाकिस्तान के साथ कोई लंबी और टिकाऊ साझेदारी करे. अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि अमरीका उसी सिफ़ारिश के तहत पाँच साल के लिए तीन अरब डॉलर का सहायता कार्यक्रम शुरू कर रहा है और एफ़-16 विमान बेचने के लिए तैयार हुआ है. अमरीकी अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान को एफ़-16 लड़ाकू विमान बेचने से क्षेत्र के सुरक्षा संतुलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और चूँकि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई आगे बढ़ा रहे हैं इसलिए पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए ये विमान महत्वपूर्ण हैं. सौदा पाकिस्तान ने अमरीका से एफ़-16 विमान ख़रीदने का सौदा 1980 के दौर में किया था लेकिन उसके बाद कुछ विवाद उठ खड़े हुए जिसकी वजह से इन विमानों की आपूर्ति नहीं हुई थी. ख़ासतौर से पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के विरोध में 1990 के दौर में अमरीका ने एफ़-16 विमान सौदा रद्द कर दिया था और हथियार प्रतिबंध लगा दिए थे. पाकिस्तान ने इस सौदे के लिए रक़म भी अदा कर दी थी और तभी से इन विमानों की आपूर्ति के लिए अमरीका से बातचीत करता रहा है.
भारत को जब पिछले साल यह पता चला था कि अमरीका पाकिस्तान को एफ़-16 विमान देने के अपने फ़ैसले पर फिर से विचार कर रहा तो उसने अपनी चिंता जता दी थी. भारत ने अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस की हाल की भारत यात्रा के दौरान भी अपनी इस चिंता से अवगत करा दिया था. भारत की चिंता रही है कि पाकिस्तान को इतने अत्याधुनिक विमान देने से दक्षिण एशिया क्षेत्र का संतुलन बिगड़ सकता है और इससे दोनों देशों के बीच हो रही दोस्ताना बातचीत पर भी असर पड़ सकता है. हालाँकि भारत ने गत फ़रवरी में कहा था कि वह 126 लड़ाकू विमान ख़रीदना चाहता है और अमरीकी एफ़-16 विमान उनकी सूची में पहले नंबर पर है. भारतीय वायु सेना के चीफ़ मार्शल एसपी त्यागी ने सात फ़रवरी, 2005 को कहा था कि नए लड़ाकू विमान पुराने पड़ चुके मिग-21 विमानों की जगह लेंगे और जिन विमानों को ख़रीदने पर विचार किया जान रहा है, उनमें एफ़-16 भी एक है.
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