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फिर तीसरे मोर्चे की बात की सीपीएम ने | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का कहना है कि वह भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के बिना तीसरे मोर्चे के गठन के लिए काम करेगी. लेकिन पार्टी ने ये भी कहा है कि फ़िलहाल कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को उसका समर्थन जारी रहेगा ताकि सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता से बाहर रखा जा सके. पार्टी की 18वीं कांग्रेस की शुरुआत में पार्टी महासचिव हरकिशन सिंह सुरजीत के भाषण में ऐसा कहा गया. उनकी सेहत ठीक न होने के कारण उनका भाषण पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रकाश कारत ने पढ़कर सुनाया. इस पाँच दिवसीय सम्मेलन में पार्टी के डेलीगेट महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे. वाम दल केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की काफ़ी समय से आलोचना कर रहे हैं. इस सम्मेलन में वरिष्ठ नेता हरकिशन सिंह सुरजीत और ज्योति बसु के पोलित ब्यूरो से इस्तीफ़े पर भी विचार होगा. पर्यवेक्षकों का मानना है कि फ़िलहाल कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को कोई ख़तरा नहीं है लेकिन वाम दलों और कांग्रेस के बीच आर्थिक नीतियों पर बढ़ रहे मतभेद केंद सरकार के लिए आने वाले दिनों में मुश्किलें पैदा कर सकते हैं. |
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