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कश्मीर पर बातचीत के संकेत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संकेत दिए हैं कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से उनकी दिल्ली यात्रा के दौरान कश्मीर सहित सभी मुद्दों पर बातचीत हो सकती है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ 17 अप्रैल को भारत पाकिस्तान के बीच दिल्ली में आयोजित एकदिवसीय क्रिकेट मैच को देखने आ रहे हैं. हालांकि इसके पहले भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि यह बातचीत अनौपचारिक होगी. मॉरिशस की अपनी चारदिवसीय यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मनमोहन सिंह ने कहा,'' जब दो राजनीतिक नेता मिलते हैं तो वे अपनी बातचीत केवल मौसम तक सीमित नहीं रख सकते.'' मनमोहन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के साथ व्यापक बातचीत का एक दौर पूरा हो चुका है और अगला दौर शुरू होने वाला है. भारतीय प्रधानमंत्री ने मॉरिशस के एक अख़बार को भी इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने जम्मू और कश्मीर के मसले के लिए 'व्यावहारिक और यथार्थवादी रवैया अपनाने की ज़रूरत' पर बल दिया. उनका कहना था कि 'पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया आतंकवाद और हिंसा से मुक्त माहौल में आगे बढ़ सकती है.' मनमोहन सिंह का कहना था,''इस प्रक्रिया को और आगे बढ़ाया जा सकता है यदि हम नियंत्रण रेखा पर तनाव सीमित कर सकें.'' उन्होंने श्रीनगर मुज्ज़फ़राबाद बस सेवा को इसी दिशा में एक क़दम बताया. मॉरिशस यात्रा मनमोहन सिंह बुधवार से चार दिन की मॉरिशस यात्रा पर हैं. उन्होंने रवानगी से पहले कहा कि भारत मॉरिशस के साथ रिश्ते को 'और गहरा और व्यापक' बनाना चाहता है. मनमोहन सिंह की इस यात्रा के दौरान भारत और मॉरिशस के बीच आर्थिक और द्विपक्षीय मामलों में कई समझौते होने की संभावना है. उन्होंने मॉरिशस को भारत के लिए दक्षिण अफ़्रीकी महाद्वीप के लिए प्रवेश द्वार बताया है. अपनी यात्रा के दौरान मनमोहन सिंह मॉरिशस के प्रधानमंत्री पॉल रेमंड बेरेंजर से विस्तृत चर्चा करेंगे. मनमोहन सिंह वहाँ एक साइबर टॉवर का उद्घघाटन भी करेंगे जिसे भारत के सहयोग से ही बनाया गया है. |
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