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मुंडा सरकार की बर्ख़ास्तगी की माँग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
झारखंड से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियाँ लगातार जारी हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबू सोरेन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात करके अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की बर्ख़ास्तगी की माँग की है. सोरेन ने झारखंड में एनडीए के निर्दलीय विधायकों के समर्थन हासिल करने के मामले की सीबीआई से जाँच की भी माँग की. शिबू सोरेन राष्ट्रपति कलाम से भी मिलेंगे. स्पष्ट है कि वे राष्ट्रपति से भी मुंडा सरकार की बर्ख़ास्तगी की अपील करेंगे. दूसरी ओर, झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा वहां के राजनीतिक घटनाक्रम और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी से मिलने दिल्ली पहुँच गए हैं. मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की परेशानी दूसरी है. नए प्रावधानों के मुताबिक़ मुंडा सिर्फ़ 12 मंत्री बना सकते हैं. उन्होंने समर्थन देने वाले पाँचों निर्दलीय विधायकों को मंत्री बना दिया है, अब पार्टी के विधायक उन पर मंत्रिपद के लिए दबाव डाल रहे हैं. झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भारी हंगामे के बीच विश्वास मत हासिल किया था. राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी ने पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता शिबू सोरेन को यूपीए गठबंधन सरकार बनाने का न्यौता दिया था. मगर बहुमत के लिए विधायक जुटा सकने में नाकाम रहने के बाद सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया जिसके अगले दिन अर्जुन मुंडा को मुख्यमंत्री बनाया गया. |
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