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प्रोटेम स्पीकर पर सिब्ते रज़ी की सलाह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
झारखंड के राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी ने शिबू सोरेन सरकार से कहा है कि वे प्रोटेम स्पीकर के नाम पर एक बार फिर विचार करें. सरकार की ओर से शनिवार को कांग्रेस विधायक प्रदीप कुमार बालमाचू का नाम प्रोटेम स्पीकर या अस्थाई विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए दिया गया था. नवनिर्वाचित विधानसभा का पहला सत्र 10 मार्च से बुलाया गया है जो 15 मार्च तक चलेगा. इसी सत्र में शिबू सोरेन को अपनी सरकार का बहुमत साबित करना है और इसी सत्र में नए सदस्यों को शपथ दिलाई जानी है. प्रोटेम स्पीकर ही सदस्यों को शपथ दिलवाएँगे और विश्वास मत पर चर्चा के बाद मतदान करवाएँगे. समझा जाता है कि राजभवन ने परंपराओं के हवाले से प्रोटेम स्पीकर के नाम पर आपत्ति जताई है. परंपरा के अनुसार सदन के वरिष्ठतम सदस्य को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाता है. विश्लेषक मानते हैं कि शिबू सोरेन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के बाद विवाद में आए राज्यपाल सिब्ते रज़ी अब हर कदम फूँक-फूँक कर रख रहे हैं और वे अब विवाद का कोई मौक़ा नहीं देना चाहते. |
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