|
राष्ट्रपति ने राज्यपाल को तलब किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने झारखंड में मौजूदा राजनीतिक विवाद पर चर्चा के लिए राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी को दिल्ली बुलाया है. झारखंड में सरकार गठन को लेकर राज्यपाल के फ़ैसले पर उठे विवाद के बाद राष्ट्रपति ने उन्हें बुलाया है. ग़ौरतलब है कि राज्यपाल सिब्ते रज़ी ने संयुक्त प्रगितिशील गठबंधन (यूपीए) के नेता शिबू सोरेन को बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी. जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं का कहना है कि राज्ये में सरकार बनाने के लिए उन्हें आमंत्रित किया जाना चाहिए था क्योंकि उनके पास पर्याप्त बहुमत है. माना जा रहा है कि राष्ट्रपति से सिब्ते रज़ी की मुलाक़ात गुरुवार को हो सकती है. सिब्ते रज़ी के इस फ़ैसले का एनडीए के नेता विरोध कर रहे हैं और उन्होंने राष्ट्रपति कलाम से मिलकर इस मामले में दख़ल देने का अनुरोध भी किया था. विवाद इस बात को लेकर भी है कि शिबू सोरेन को बहुमत साबित करने के लिए 21 मार्च तक का समय दिया गया है. एनडीए का कहना है कि उनके पास 41 विधायकों का समर्थन है जबकि यूपीए का दावा है कि उनके पास 42 विधायकों का समर्थन है. झारखंड विधानसभा में विधायकों की कुल संख्या 81 है. हालाँकि दोनों में अंतर ये है कि एनडीए ने समर्थन करने वाले विधायकों को अपने साथ रखा है जबकि यूपीए के पास सिर्फ़ सूची है. राज्यपाल के शिबू सोरेन को सरकार बनाने के लिए बुलाने के फ़ैसले के बाद एनडीए के नेता सभी 41 विधायकों को लेकर दिल्ली आ गए हैं. ख़बरें हैं कि एनडीए इन विधायकों को राष्ट्रपति के सामने भी पेश करने की योजना बना रहा है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||