|
'बस सेवा से सुरक्षा को ख़तरा नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में स्पष्ट किया कि श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा की शुरुआत और परमिट व्यवस्था से भारत की जम्मू- कश्मीर नीति में कोई परविर्तन नहीं आएगा. उन्होंने स्पष्ट किया, '' इससे हमारी सुरक्षा को कोई ख़तरा नहीं है.'' इसके पहले विपक्ष ने बस सेवा को लेकर सुरक्षा पर सवाल खड़े किए. विपक्ष को पासपोर्ट और वीज़ा व्यवस्था की जगह नई व्यवस्था पर आपत्ति थी. विपक्षी सदस्यों का कहना था कि नई व्यवस्था से पाकिस्तान से आने वालों की जाँच नहीं हो पाएगी. भाजपा नेता जसवंत सिंह ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच के लिए जिन लोगों को वीज़ा दिया गया था, उनमें से 35 लोग अनुमति से ज़्यादा रुक गए. राज्यसभा सभापति भैरोंसिंह शेखावत ने इस पर विशेष चर्चा करवाने का आश्वासन दिया. लेकिन विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया और सदन की कार्यवाही 35 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी. सहमति श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा की शुरुआत सात अप्रैल से होनी है.
भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के तहत श्रीनगर और मुज़फ़्फ़राबाद के बीच बस सेवा शुरु हो जाएगी. दोनों देशों के संबंधों में सुधार की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है. भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह की पाकिस्तान यात्रा के बाद इस समझौते की पुष्टि की गई. विवादित कश्मीर के दोनों हिस्सों के बीच यह पहला सीधा ज़मीनी संपर्क होगा. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||