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कांग्रेस समर्थन से लालू का दावा मज़बूत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार में कांग्रेस और सीपीएम के राष्ट्रीय जनता दल को समर्थन की चिट्ठी देने के बाद लालू यादव के सरकार बनाने के दावा मज़बूत हुआ है. लालू यादव ने बुधवार को पटना में घोषणा कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री और आरजेडी विधायक दल की नेता राबड़ी देवी जल्द ही सरकार बनाने का दावा पेश करेंगी. इसके पहले कांग्रेस ने आरजेडी को समर्थन की चिट्ठी दे दी थी. लालू यादव ने कहा कि उन्हें बहुजन समाज पार्टी के तीन, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दो और सीपीएम के एक विधायक के समर्थन की चिट्ठी मिल गई है. उन्होंने कहा कि सीपीआई अपने तीन विधायकों के समर्थन की चिट्ठी गुरूवार को उन्हें सौंपे देगी. कांग्रेस के प्रभारी हरिकेश बहादुर की ओर से राज्यपाल बूटा सिंह को भेजी चिट्ठी में कहा गया है कि कांग्रेस के सभी 10 विधायक आरजेडी का समर्थन करेंगे. इसे लोक जनशक्ति पार्टी नेता रामविलास पासवान के लिए बड़ा झटका समझा जा रहा है. समीकरण बिहार की 243 सदस्यों वाली विधानसभा में आरजेडी के 75 विधायक चुनकर आए हैं. ऐसे में उसके तमाम समर्थकों की संख्या जोड़ दी जाए तो भी ये आँकड़ा सरकार बनाने लायक ज़रूरी 122 सदस्यों के समर्थन से काफ़ी पीछे रहता है. लेकिन लालू यादव दो आधार पर सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं. एक तो यह कि चुनाव पूर्व गठबंधन के आधार पर उनके गुट को सबसे अधिक सीटें मिली हैं. दूसरा कि उनकी पार्टी चुनाव में सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी है. प्रेक्षकों की राय है कि जिस तरह से झारखंड में यूपीए को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया है उसी तरह से से बिहार में भी यह फ़ैसला दोहराया जा सकता है. |
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