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थमा अंतिम दौर का चुनाव प्रचार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार और झारखंड विधानसभा के में तीसरे चरण में 23 फ़रवरी को होनेवाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार समाप्त हो गया है. इस चरण में बिहार की 243 में से 93 सीटों और झारखंड की 28 सीटों के लिए मतदान होगा. मतों की गिनती 27 फ़रवरी को की जाएगी. चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी कई चुनाव क्षेत्रों में नज़र आए. सोनिया गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी दोनों ने ही पटना के गांधी मैदान में सभाएं की हैं. लेकिन अधिकांश जगह प्रचार की कमान मुख्य तौर पर क्षेत्रीय नेताओं के हाथ में ही रही. फ़िल्मी सितारे भी जुटे जनता दल(युनाइटेड) के नीतिश कुमार, लोक जनशक्ति पार्टी के रामविलास पासवान, राष्ट्रीय जनता दल की राबड़ी देवी और भारतीय जनता पार्टी के शत्रुघ्न सिन्हा ने कई जनसभाओं को संबोधित किया. फ़िल्मी सितारे अपनी-अपनी पार्टियों के लिए प्रचार करते नज़र आए.
भाजपा के लिए जहाँ हेमामालिनी और शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रचार की कमान संभाली तो कांग्रेस के लिए राजेश खन्ना और गोविंदा ने वोट मांगे. झारखंड में कांग्रेस के सुबोधकांत सहाय, झारखंड मुक्ति मोर्चा के शिबू सोरेन तथा भाजपा के अर्जुन मुंडा और बाबूलाल मरांडी समेत सभी प्रमुख नेताओं ने अंतिम दिन का प्रचार संथाल परगना में किया. अहम दौर तीसरे चरण का मतदान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए बहुत अहम है क्योंकि जिन इलाक़ों में इस चरण में मतदान होना है, वहाँ पिछले विधानसभा चुनावों में एनडीए ने बढ़त हासिल की थी. इस चरण में बिहार की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भी राजनीतिक भविष्य का फ़ैसला होना है. राबड़ी देवी राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं. बिहार के जिन इलाक़ों में तीसरे चरण का चुनाव हो रहा है उनमें से गोपालगंज, छपरा और वैशाली ज़िले राजद के प्रभाव क्षेत्र माने जाते हैं. हालांकि गोपालगंज में मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई साधु यादव की पत्नी इंदिरा यादव और राबड़ी देवी के दूसरे भाई प्रभुनाथ यादव निर्दलीय प्रत्याशी बन पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों को टक्कर दे रहे हैं. इस दौर में नालंदा क्षेत्र में भी मतदान होना है जो जनता दल-यू नेता नीतीश कुमार का गढ़ माना जाता है. इसके अलावा सीवान क्षेत्र बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन के कारण चर्चित है लेकिन उन्हें चुनाव के दौरान ज़िलाबदर कर दिया गया है. गोपालगंज क्षेत्र भी सुर्खियों में है. यहाँ से मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई और आरजेडी सांसद साधु यादव की पत्नी इंदिरा देवी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं. बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर के अनुसार मतदाता भ्रम में है कि वे आरजेडी प्रत्याशी को वोट दें या फिर राबड़ी देवी के परिवार से जुड़े निर्दलीय प्रत्याशी को. इन क्षेत्रों में प्रशासन सुरक्षा ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं और अभूतपूर्व सख़्ती बरती जा रही है. इस दौर में नेपाल से सटे पश्चिमी चंपारण में भी मतदान होना है. इस इलाक़े में आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं और उनके सगे संबंधी मैदान में हैं. यह क्षेत्र मिनी चंबल कहलाता है. झारखंड इस चरण में झारखंड की 28 सीटों पर मतदान होना है. इनमें से 18 सीटें संथाल-परगना में हैं, जबकि बाकी 10 कोयलांचल के नाम से प्रसिद्ध उत्तरी झारखंड में. इनमें से अधिकांश पर झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस का दबदबा रहा है. झारखंड के संथाल परगना को यों तो झामुमो का गढ़ माना जाता है, लेकिन इस बार पार्टी के वरिष्ठ नेता स्टीफ़न मरांडी ने शिबू सोरेन के छोटे बेटे हेमंत के ख़िलाफ़ उम्मीदवार बन झामुमो के लिए राह कठिन बना दी है. सुरक्षा चुनाव आयोग के निर्देश पर बिहार में तीसरे चरण के मतदान के लिए अर्द्धसैनिक बलों की 431 कंपनियाँ तैनात कर दी गई हैं. सुरक्षा बल जगह-जगह गश्त लगा रहे हैं. बिहार के सीवान ज़िले में स्थानीय सांसद शहाबुद्दीन को प्रशासन द्वारा ज़िलाबदर किए जाने के बावजूद वहाँ हिंसा की आशंका बनी हुई है. इसी तरह झारखंड के कई नक्सल प्रभावित इलाक़ों में हिंसा की आशंका है, हालांकि दूसरे चरण में सुरक्षा बलों को शांतिपूर्ण मतदान कराने में सफलता मिली थी. |
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