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हैदराबाद में झंडा लगाने पर रोक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण भारत के हैदराबाद शहर में पुलिस ने राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों पर किसी भी प्रकार के झंडे लगाने पर रोक लगा दी है. शहर में दो समुदायों के बीच बुधवार देर रात एक झंडे को लेकर हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने यह फैसला किया. इस झड़प में सात लोग घायल हो गए हैं. हिंसाग्रस्त इलाक़ों में तनावपूर्ण शांति है. ये हिंसक घटना हैदराबाद के संवेदनशील पुराने शहर इलाक़े में हिंदू और मुसलमानों के बीच हुई. ख़बरों के अनुसार मुस्लिम समुदाय एक स्ट्रीट लाइट के पास लगे हुए हरे झंडे को बरकरार रखना चाहता था जबकि हिंदू समुदाय के लोग इस स्थान पर दो दिन पहले लगाया गया भगवा झंडा को स्थायी करना चाहते थे. दोनों समुदाय के बीच बात बढ़ी और पथराव होने लगा. बाद में कुछ लोग लोहे की सलाखें ले आए और संघर्ष शुरु हो गया. हिंसा में कम से कम पांच घर नष्ट कर दिए गए और छह से ज्यादा वाहन जला दिए गए. हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी दिनेश रेड्डी ने उच्च स्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की और हर तरह के झंडो पर प्रतिबंध के आदेश दे दिए. इलाके में अतिरिक्त सेनाएं तैनात कर दी गई हैं. इस बीच हैदराबाद में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है क्योंकि अगले हफ्ते बाबरी विध्वंस की बरसी है. |
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