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'शंकराचार्य जयेंद्र ने अपराध स्वीकार किया' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ह्त्या के आरोप में गिरफ़्तार कांची कामकोटि के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के मामले में एक नया मोड़ आ गया है. चेन्नई हाई कोर्ट में शंकराचार्य की ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि पूछताछ के दौरान शंकराचार्य ने शंकररामन की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली है. सरकारी वकील ने अदालत को ये भी बताया कि शंकराचार्य के इस बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई थी. इस बीच चेन्नई हाई कोर्ट और सेशन कोर्ट में शंकराचार्य की ज़मानत याचिका पर सुनवाई मंगलवार तक के लिए टाल दी गई है. पूछताछ अभियोजन पक्ष के वकील ने चेन्नई हाई कोर्ट में शंकराचार्य की ज़मानत याचिका का विरोध करते हुए बताया कि शंकराचार्य ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि शंकररामन की हत्या के दो दिन पहले वे अपने कुछ क़रीबी लोगों से मिले थे. उन लोगों में हत्या का प्रमुख अभियुक्त भी शामिल था. इस बैठक में शंकराचार्य ने शंकररामन के साथ अपनी समस्याओं के बारे में चर्चा की. शंकररामन कई लोगों को शंकराचार्य के बारे में पत्र लिख रहे थे. सरकारी वकील के अनुसार पूछताछ के दौरान शंकराचार्य ने माना कि उस वक़्त उनका विवेक काम नहीं कर रहा था और उसी दौरान उन्होंने शंकररामन की हत्या का आदेश किया. शंकराचार्य पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वे हत्या के अभियुक्तों के साथ मोबाइल फ़ोन पर बातचीत करते थे. इतना ही नहीं अभियोजन पक्ष ने शंकराचार्य पर ये भी आरोप लगाया कि उनके त्रिचनापल्ली स्थित एक महिला उषा के साथ संबंध थे. सरकारी वकील ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य ने कांची मठ के खाते से उषा को एक मकान दिलवाया और मठ के बैंक ख़ाते से बड़ी राशि भी उषा के बैंक खाते में भिजवाई. अभियोजन पक्ष का आरोप है कि इस महिला का भी शंकररामन की हत्या की साज़िश रचने में हाथ था. बचाव पक्ष के वकीलों ने इन आरोपों के जवाब में कहा कि बिना सबूत के इतने बड़े आरोप लगाना ठीक नहीं. इस पर अभियोजन पक्ष का जवाब था कि मुक़दमा शुरू होने पर वे सारे सबूत अदालत के सामने पेश कर देंगे. शंकराचार्य इस समय न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी ज़मानत याचिका पहले खारिज की जा चुकी है. काँची के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को तमिलनाडु पुलिस ने 11 नवंबर को पीठ के ही एक पूर्व कर्मचारी शंकररामन की हत्या के मामले में ग़िरफ़्तार किया था. कुछ दिनों पहले शंकराचार्य के ख़िलाफ़ दो साल पुराना एक और मामला दर्ज किया गया है जिसमें आरोप है कि शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती ने अपने पूर्व भक्त राधाकृष्णन पर जानलेवा हमला करने का आदेश किया था. शंकराचार्य इस समय न्यायिक हिरासत में वेल्लौर जेल में बंद हैं. पुलिस ने पूछताछ के लिए उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भी लिया था. |
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