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मनमोहन मणिपुर दौरे पर, सुरक्षा कड़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू-कश्मीर की यात्रा के बाद भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की यात्रा पर हैं. प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार वे पूर्वात्तर राज्य मणिपुर का दौरा कर रहे है लेकिन वहाँ सक्रिय विद्रोही संगठनों ने इस यात्रा का विरोध किया है और हड़ताल का आह्वान किया है. अलगाववादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ़्रंट (आरपीएफ़) का कहना है कि प्रधानमंत्री कश्मीर और मणिपुर में अलग-अलग नीति अपना रहे हैं. इन संगठनों के एक बयान में कहा गया है कि कश्मीर से सेना हटाई जा रही है और मणिपुर में तैनात की जा रही है. विवादित क़ानून मणिपुर में अलगाववादी संगठनों के हड़ताल के आह्वान के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है.
मणिपुर में सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम के विरोध में कई महीनों से आंदोलन चल रहा है. असम राइफ़ल्स के कुछ जवानों पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला मनोरम देवी का पहले बलात्कार किया और फिर उनकी हत्या कर दी. इसके बाद ही सशस्त्र सैनिकों को मिले विशेषाधिकार के ख़िलाफ़ राज्य में आंदोलन शुरू हो गया था. इस बीच राज्य में कई छात्र और मानवाधिकार संगठनों के संयुक्त मोर्चे अपुन्बा लुप का कहना है कि अगर प्रधानमंत्री ने इस क़ानून को वापस लेने की घोषणा नहीं की तो संगठन अपना आंदोलन तेज़ कर देगा. |
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