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शंकराचार्य की ज़मानत पर सुनवाई अधूरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चेन्नई हाईकोर्ट में बुधवार को कांची पीठ के शंकराचार्य की ज़मानत अर्जी पर सुनवाई अधूरी रही. इस पर अब गुरुवार को आगे सुनवाई होगी. उधर शंकराचार्य को कांची की एक अदालत में गुरुवार को ही पेश होना है जहाँ पुलिस की उस अर्जी पर सुनवाई होगी जिसमें शंकराचार्य को पुलिस हिरासत में देने का अनुरोध किया गया है. शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और वेल्लूर की एक जेल में रखे गए हैं. उन पर कांचीमठ के एक कर्मचारी की हत्या में शामिल होने का आरोप है. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने बुधवार को विधानसभा में दिए गए एक बयान में कहा है कि पुलिस के पास शंकराचार्य के ख़िलाफ़ पुख़्ता सुबूत हैं. बीबीसी संवाददाता सुनील रामन ने ख़बर दी है कि चेन्नई हाईकोर्ट में शंकराचार्य की ज़मानत अर्जी पर बुधवार की दोपहर को सुनवाई शुरु हुई थी लेकिन अदालत का समय ख़त्म होने तक सुनवाई पूरी नहीं हो सकी. अब हाईकोर्ट इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई करेगा. बीबीसी संवाददाता के अनुसार पुलिस चाहती है कि शंकराचार्य को न्यायिक हिरासत से पुलिस हिरासत में दे दिया जाए ताकि उनसे पूछताछ की जा सके. पुलिस ने इस आधार पर अर्जी लगाई है कि उनके पास इस बात के सुबूत हैं कि इस हत्या के तार शंकराचार्य से जुड़ते हैं और उनसे पूछताछ ज़रुरी हैं. उल्लेखनीय है कि इस मामले में शंकराचार्य को पिछले शुक्रवार को गिरफ़्तार किया गया था. उनकी गिरफ़्तारी को लेकर देश में राजनीतिक दल दो हिस्सों में बँट गए हैं. |
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