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विधानसभा हंगामे में मुख्यमंत्री घायल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उड़ीसा विधानसभा में मंगलवार को विधायकों के बीच हुई झड़प में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को चोटें आयी हैं. राज्य के कालाहांडी जिलें मै बाक्साइट खनन के लिए वेदांत अलुमिना लिमिटेड को सरकारी अनुबंध दिए जाने को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने विधानसभा में कड़ी आपत्ति की थी. बहस के दौरान कांग्रेस विधायक सदन के बीचोबीच आ गए और दूसरी तरफ से बीजू जनता दल के कई विधायक भी सदन में आ गए. विधायकों के बीच बहस गर्म हुई और नौबत छीना झपटी तक आ पहुंची. इसी छीना झपटी और आपाधापी में एक मेज मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के घुटने पर आ गिरी. मुख्यमंत्री को ख़ासी चोट आयी है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है. कांग्रेस का कहना है कि सरकार और वेदांत अलुमिना लिमिटेड के साथ अभी सिर्फ अनुबंध हुआ है लेकिन कंपनी ने अभी से जंगल साफ कर खनन का काम शुरु कर दिया है. विपक्ष का आरोप अनुबंध की कई औपचारिकताओं के बाद ही खनन का काम शुरु किया जा सकता है. विपक्ष का यह ही भी आरोप है कि कंपनी ने मुख्यमंत्री को पैसे देकर अनुबंध हासिल किया है. हालांकि बीजद ने इन आरोपों का लगातार खंडन किया है. विधानसभा में भी खान मंत्री पद्मनाभ बेहरा भी विपक्ष के आरोपों के जवाब में यही बात कह रहे थे तो पूरा विपक्ष सदन के बीचोबीच आ गए. कांग्रेस का यह भी आरोप है कि खनन के काम के दौरान कंपनी भारी मात्रा में जंगलों को नष्ट कर रही है जो अनुचित है. राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि लोकसभा चुनावों और महाराष्ट्र चुनावों में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन से उड़ीसा कांग्रेस में नयी जान आयी है और अब वो आक्रामक विपक्ष की भूमिका निभाना चाह रहे हैं. यही कारण है कि एक छोटे से अनुबंध पर विपक्षी दल का रवैया इतना कड़ा हो गया है. |
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