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'कश्मीर पर नए सिरे से सोचें' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने भारत के साथ कश्मीर मसले पर चल रहे विवाद को हल करने के लिए एक नए फ़ॉर्मूले की पेशकश की है. इस पेशकश के तहत उन्होंने कश्मीर में संयुक्त शासन का सुझाव दिया है. उन्होंने कहा कि कश्मीर में जनमतसंग्रह कराने की अभी तक चली आ रही पाकिस्तान की माँग व्यावहारिक नहीं है और भारत नियंत्रण सीमा रेखा को अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा बना देने की जो माँग करता है, वह स्वीकार्य नहीं है. यह पेशकश ऐसे समय में की गई है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ का नवंबर में भारत दौरे पर जाने का कार्यक्रम है. राजधानी इस्लामाबाद में विदेशी राजनयिकों के साथ सोमवार को एक इफ़्तार पार्टी में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने यह असाधारण सुझाव रखा. परवेज़ मुशर्रफ़ ने कश्मीर का पुनर्गठन करने और वहाँ संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को और बढ़ाने का सुझाव भी रखा. उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर में सात अलग-अलग भाषाई, भौगोलिक और धार्मिक इकाइयाँ हैं. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को यह तय करना है कि कौन सी इकाई किसके पास रहनी चाहिए और किसे स्वायत्त घोषित कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि स्वायत्त हिस्से को संयुक्त राष्ट्र के अधीन या फिर दोनों देशों की संयुक्त निगरानी में रखा जा सकता है. मुशर्रफ़ ने कहा, "मेरा पक्का विश्वास है कि अनेक विकल्प हैं और समाधान भी निकाला जा सकता है. हमें पहली बार आशा की किरण नज़र आई है." इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास का कहना है कि यह शायद पहला मौक़ा है कि पाकिस्तान के किसी शासक ने कश्मीर पर इतना साहसिक प्रस्ताव रखा है. मुशर्रफ़ ने संवाददाताओं से कहा, "इससे पहले उन्होंने किसी से भी इस तरह से बात नहीं की है." राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि इसी साल संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनसे कुछ प्रस्ताव रखने को कहा था. उन्होंने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी उन्होंने नया फ़ॉर्मूला पेश करने को कहा था. कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान में एक राष्ट्रीय बहस का आहवान करते हुए मुशर्रफ़ ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर यथा स्थिति में बदलाव होना चाहिए जोकि इस समय भारत और पाकिस्तान के बीच बँटा हुआ है. अज़ीज़ की भारत यात्रा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ नवंबर में भारत का दौरा करने वाले हैं लेकिन अभी कोई तारीख़ नहीं तय की गई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री अज़ीज़ दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के अध्यक्ष के नाते भारत का दौरा करेंगे. लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दौरे में द्विपक्षीय बातचीत होगी या नहीं. भारत और पाकिस्तान के बीच इस साल शांति वार्ता शुरू हुई है और प्रधानमंत्री अज़ीज़ के भारत दौरे से यह उम्मीद जगी है कि उनकी भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी बातचीत होगी.
बीबीसी के इस्लामाबाद संवाददाता ज़फ़र अब्बास का कहना है कि पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय प्रधानमंत्री अज़ीज़ के भारत दौरे का कार्यक्रम बना रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने कहा कि यात्रा की तारीख़ पर चर्चा चल रही है. उन्होंने संकेत दिया कि यात्रा नवंबर में किसी समय हो सकती है. उन्होंने कहा कि सार्क के अध्यक्ष की हैसियत से प्रधानमंत्री अज़ीज़ दूसरे सदस्य देशों का भी दौरा करेंगे. सार्क का अध्यक्ष अपने एक साल के कार्यकाल के दौरान सभी सदस्य देशों का दौरा करता है. अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान मसूद ख़ान ने कुछ कश्मीरियों को ऐसे पासपोर्ट जारी करने के भारत सरकार के क़दम की आलोचना की जिसमें उनके पाकिस्तान जाने पर रोक है. एक भारतीय समाचार पत्र ने एक ऐसे ही पासपोर्ट की कॉपी प्रकाशित की है जिसमें लिखा गया है कि यह पासपोर्ट पाकिस्तान की यात्रा के लिए वैध नहीं है. मसूद ख़ान ने उम्मीद जताई कि भारत सरकार अपने फ़ैसले पर फिर से विचार करेगी. |
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