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पाकिस्तान ने किया मिसाइल का परीक्षण | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने मध्यम दूरी तक मार करने वाली एक मिसाइल का परीक्षण किया है जिसे परमाणु क्षमता से लैस किया जा सकता है. एक पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि इस परीक्षण का मक़सद भारत को किसी तरह का संदेश देना नहीं है. ग़ौरी श्रृंखला की यह पाँचवी मिसाइल डेढ़ हज़ार किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है. पाकिस्तान और भारत दोनों ही पहले भी इस तरह के परीक्षण करते रहे हैं लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव में कमी के बाद इस परीक्षण पर भारत की ओर से शायद ही कोई प्रतिक्रिया हो. पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि भारत सरकार और दूसरे पड़ोसी देशों को इस परीक्षण के बारे में पहले ही बता दिया गया था. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि परीक्षण पूरी तरह सफल रहा, पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने जुलाई में ही घोषणा की थी कि अक्तूबर महीने में एक महत्वपूर्ण परीक्षण किया जाएगा. जानकारों का कहना है कि इस तरह के परीक्षण अगर कड़वाहट के पुराने माहौल में हुए होते तो दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता था. विश्वास इसी वर्ष जून महीने में भारत और पाकिस्तान ने पहली बार परमाणु युद्ध की आशंका को टालने के लिए आपसी बातचीत की. इसी बातचीत में दोनों देशों के बीच एक टेलीफ़ोन हॉटलाइन लगाने पर भी सहमति हुई जिसके ज़रिए दोनों देश किसी परमाणु ख़तरे या दुर्घटना की चेतावनी एक-दूसरे को दे सकें. दोनों देशों के बीच इस बात पर भी रज़ामंदी हो चुकी है कि वे भविष्य में और परमाणु परीक्षण नहीं करेंगे. दो वर्ष पहले भारतीय संसद पर हुए चरमपंथी हमले के बाद दोनों देशों के संबंध बहुत बिगड़ गए थे और दोनों ने सीमा पर सैनिकों की संख्या बहुत बढ़ा दी थी. जनवरी 2004 में भारत-पाकिस्तान के बीच इस्लामाबाद में हुई शिखर वार्ता के बाद से दोनों देशों के बीच संबंधों में तेज़ी से सुधार दिखाई दिया. पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भाग लेने के लिए अमरीका गए भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच भी मुलाक़ात हुई जिसे काफ़ी सफल बताया गया. |
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