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सभी मुद्दों पर बातचीत होगीः मनमोहन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए आतंकवाद से निबटने के दोहरे मापदंडों पर चिंता व्यक्त की और पाकिस्तान के साथ जम्मू-कश्मीर सहित सभी मुद्दों पर बातचीत जारी रखने को लेकर प्रतिबद्धता ज़ाहिर की. डॉक्टर सिंह ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी भी पेश की है. पाकिस्तान के साथ जारी बातचीत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जम्मू-कश्मीर सहित सभी मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ सार्थक बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है.
इसे पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनाए गए नरम रुख़ का जवाब भी माना जा रहा है. मनमोहन सिंह ने कहा,"भारत और पाकिस्तान ने कश्मीर समेत सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए समग्र बातचीत शुरू की है. मैं ये भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि हम इस बातचीत को एक सर्वमान्य और उद्देश्यपूर्ण नतीजे तक ले जाना चाहेंगे". उन्होंने आतंकवाद के विरुद्ध एक अंतरराष्ट्रीय संघर्ष की ज़रूरत पर बल दिया है. डॉक्टर सिंह ने कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई को सही मायने में विश्वसनीय बनाने की ज़रूरत है और राजनीतिक फ़ायदों के लिए दोहरे पैमाने छोड़ने होंगे.
मनमोहन सिंह ने अपने भाषण में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सीट के लिए दावेदारी भी पेश की. उन्होंने भारत के दावे की हिमायत में कहा,"सुरक्षा परिषद के स्थाई और अस्थाई सदस्यों की संख्या में विस्तार और इसमें भारत जैसे देश को शामिल करने से संयुक्त राष्ट्र सचमुच एक प्रतिनिधि संस्था बन सकेगी". प्रधानमंत्री ने कहा कि संपन्न देशों को यह समझ लेना चाहिए कि संपूर्ण मानवता के कल्याण के बिना उनका वैभव भी बना नहीं रहेगा. मुशर्रफ़ का संबोधन इससे पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने बुधवार को महासभा में दिए गए अपने भाषण में भारत से संबंधों की बेहतरी की उम्मीद जताई. परवेज़ मुशर्रफ़ ने महासभा में कहा,"पाकिस्तान चाहता है कि भारत भी वह गंभीरता, लचक और साहस दिखाए जिसका प्रदर्शन पाकिस्तान कर रहा है".
भारतीय प्रधानमंत्री के साथ न्यूयॉर्क गए पत्रकारों का कहना है कि परवेज़ मुशर्रफ़ के भाषण पर भारतीय ख़ेमे में काफ़ी संतोष है. भारतीय दल को उम्मीद है कि इस बार के सत्र में दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों की तरह गरमा-गरमी नहीं है जिससे दोनों देशों के संबंधों पर बेहतर असर पड़ सकता है. भारत और कई अन्य देश मानते हैं कि संयुक्त राष्ट्र को समय के साथ बदलना चाहिए और सुरक्षा परिषद के स्थाई और अस्थाई सदस्यों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए. भारत ने जर्मनी, जापान और ब्राज़ील के साथ मिलकर सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए दावेदारी पेश की है. इन चारों देशों में ये सहमति हुई है कि वे एक-दूसरे के दावे का समर्थन करेंगे. साथ ही ये देश यह भी चाहते हैं कि किसी अफ़्रीकी देश को भी स्थाई सदस्यता दी जानी चाहिए. |
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