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करज़ई पर हमला: तीन गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई पर गुरूवार को हुए हमले के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. इन तीन लोगों को दक्षिण पूर्वी प्रांत पक्तिया में गरदेज़ के निकट उस स्थान से क़रीब दस किलोमीटर दूरी पर गिरफ़्तार किया गया जहाँ हामिद करज़ई पर हमला करने की कोशिश की गई थी. गुरूवार को हामिद करज़ई पर उस समय रॉकेट दागा गया था जब उनका हेलिकॉप्टर उतरने की कोशिश कर रहा था. लेकिन रॉकेट निशाना चूक गया था. राष्ट्रपति का काबुल से बाहर यह पहला दौरा था. वह 9 अक्तूबर को होने वाले चुनावों के लिए समर्थन जुटाने के लिए यह दौरा कर रहे थे. इस हमले के बाद करज़ई ने अपना दौरा एकदम रोक दिया. अमरीकी सेना ने भी यह पुष्टि की है कि हामिद करज़ई का हेलिकॉप्टर जब उतरने की कोशिश कर रहा था तब उस पर रॉकेट से हमला किया गया था. "रॉकेट का निशाना चूक गया और वह क़रीब 300 किलोमीटर दूर एक स्कूल की इमारत से टकरा गया." अमरीकी सेना के एक बयान में कहा गया कि हेलिकॉप्टर फिर वहाँ नहीं उतरा और काबुल लौट गया. तालेबान ने राष्ट्रपति पद के लिए अक्तूबर में होने वाले चुनावों में बाधा पहुँचाने का ऐलान किया है. राष्ट्रपति करज़ई अमरीकी सेना की आलोचना करते थे कि वह उन्हें गरदेज़ इलाक़े में नहीं जाने दे रही है. दो साल पहले कंधार में उनके क़ाफ़िले पर हमला हुआ था तबसे यह उन पर दूसरा ख़तरनाक हमला था. कंधार हमले के बाद से करज़ई अपने मज़बूत क़िले जैसे परिसर से मुश्किल से ही बाहर नज़र आते थे. गिरफ़्तारियाँ आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लुतफ़ुल्लाह मशाल ने कहा कि तीन लोगों को उस समय गिरफ़्तार किया गया जब वे हमला करके मोटरसाइकिलों पर भागने की कोशिश कर रहे थे.
मशाल के मुताबिक़ पुलिस ने डेटोनेटर्स और विस्फोटक भी बरामद किया है. "पूछताछ के दौरान उन लोगों ने स्वीकार किया है कि हमला उन्होंने ही किया था." मशाल ने बताया कि उन लोगों के पास रॉकेट हमले से संबंधित कुछ काग़ज़ात भी हैं और उन्हें स्थानीय ग्रामीणों की मदद से गिरफ़्तार किया गया. पक्तिया राज्य के गवर्नर हाजी असदुल्लाह वफ़ा ने कहा, "उनके माथे पर यह नहीं लिखा है कि वे तालेबान हैं या नहीं, मगर उनकी दाढ़ियाँ और कपड़े तालेबान की ही तरह हैं." बीबीसी संवाददाता एंड्रयू नोर्द का कहना है कि पक्तिया प्रांत में अक्सर तालेबान के हमले होते रहते हैं. विश्लेषकों का कहना है कि राष्ट्रपति करज़ई का काबुल से बाहर होने वाली घटनाओं और गतिविधियों पर बहुत कम नियंत्रण है. |
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