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विहिप के सैकड़ों कार्यकर्ता गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के महाराष्ट्र राज्य में महाबलेश्वर के पास पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर लिया है. ये लोग महाबलेश्वर के पास स्थित मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब के सेनापति अफ़ज़ल ख़ान की क़ब्र को तोड़ने की धमकी दे रहे हैं. किसी भी अप्रिय घटना को को रोकने के लिए वहाँ दो हज़ार से ज़्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. पुलिस ने विहिप कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश में बल प्रयोग भी किया जिसमें कुछ लोग घायल भी हो गए. सतारा के ज़िलाधिकारी एसबी पाटिल ने बीबीसी को बताया कि पुलिस ने सैकड़ों विहिप कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया है. एक महिला कल्याणी पंडित ने बीबीसी को बताया कि पुलिस ने उन लोगों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया. पंडित ने कहा कि वे 1992 में अयोध्या भी गईं थीं, जब बाबरी मस्ज़िद गिरा दी गई थी. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र पुलिस ने महिलाओं और बच्चों को भी बेरहमी से पीटा. कट्टरपंथी हिंदू संगठनों का कहना है कि वे मुगल सेनापति अफ़ज़ल ख़ान की क़ब्र तोड़कर वहाँ मराठा सरदार शिवाजी की मूर्ति स्थापित करना चाहते हैं. मुसलमान इस क़ब्र को पवित्र मानते हैं लेकिन एक साल पहले अधिकारियों ने इसे नमाज़ के लिए बंद कर दिया था. यह विवादित मकबरा उस घटना के बाद बना था जब मराठा सरदार शिवाजी ने मुगल सम्राट औरंगज़ेब के सेनापति अफ़ज़ल ख़ान की हत्या कर दी थी. अफ़ज़ल ख़ान औरंगज़ेब के शांति दूत बनकर शिवाजी से बात करने आए थे लेकिन उन्होंने बाद में शिवाजी को ही मारने की कोशिश की लेकिन वे सफल नहीं हो पाए और शिवाजी के हाथों मारे गए. बाद में उसी जगह पर अफ़ज़ल ख़ान का मकबरा बना दिया गया. जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र यह राज्य में सांप्रदायिक भावनाएँ भड़काने की कोशिश है. |
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