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'सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बातचीत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान ने आपसी बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए 13 प्रस्तावों पर सहमति जताई है. इनमें परमाणु मसलों पर आपसी विश्वास मज़बूत करने के लिए विशेषज्ञ स्तरीय बैठक करने का विचार भी शामिल है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी की पाँच दिवसीय भारत यात्रा के अंत में भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह के साथ जारी एक संयुक्त बयान में इन विषयों का उल्लेख किया गया है. दोनों देशों ने बातचीत को सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक बताया है. दोनों देश दुनिया के सबसे ऊँचे रणक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर पर से सैनिकों की संख्या कम करने पर भी विचार कर रहे हैं. बयान में ये भी कहा गया है कि श्रीनगर से मुज़फ़्फ़राबाद के बीच बस सेवा शुरू करने पर भी विचार होगा. कसूरी और नटवर सिंह ने दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार पर संतोष ज़ाहिर किया है. इस बात पर भी सहमति बनी कि भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच इस महीने के अंत में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान मुलाक़ात होगी.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ इस वर्ष के अंत में भारत जाएँगे. ये भी तय किया गया कि भारत के विदेश सचिव श्याम शरण और पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज़ खोखर के बीच इस साल के अंत में मुलाक़ात होगी जिसमें सुरक्षा संबंधी सभी विषयों पर बातचीत होगी. अन्य मुद्दे इसके अलावा सियाचिन, वुलर बराज, तुलबुल परियोजना, सर क्रीक, आतंकवाद और नशीले पदार्थों का अवैध व्यापार के साथ ही आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग जैसे मसलों पर बातचीत के लिए बैठकें भी तय की जाएँगी. मुन्नाबाओ और खोखरापार के बीच रेल संपर्क को लेकर रेल अधिकारियों की बैठक पर भी सहमति हुई है. पाकिस्तान में भारत के राजदूत रह चुके जी पार्थसारथी ने इस बातचीत के बारे में बातचीत में बीबीसी से कहा कि इस संयुक्त बयान में कोई विशेष नई बात नहीं है. मगर उन्होंने ये ज़रूर कहा कि इससे दोनों देशों का आगे बढ़ने का संकल्प स्पष्ट दिखता है. |
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