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शौक़त ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में शौकत अज़ीज़ शनिवार को देश के नए प्रधानमंत्री बन गए. उन्हें शनिवार को राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई. शपथ लेने के बाद उन्होंने 342 सदस्यों वाली नेशनल एसेंबली में 191 मत हासिल करके विश्वासमत भी हासिल कर लिया. विश्वासमत हासिल करने के लिए बुलाए गए इस सत्र का भी विपक्षी एआरडी ने बहिष्कार किया. शुक्रवार को भी विपक्ष के बहिष्कार की स्थिति में ही नेशनल एसेंबली ने शौकत अज़ीज़ को अपना नेता चुना था. विपक्ष ने इसे एक 'कठपुतली चुनाव' क़रार दिया है. शौकत अज़ीज़ ने शुक्रवार को नेशनल एसेंबली का नेता चुने जाने के बाद कहा था कि भारत के साथ बातचीत की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी और जम्मू कश्मीर सहित तमाम मसलों का हल बातचीत के ज़रिए ही निकालने की कोशिश की जाएगी. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अज़ीज़ ने कहा, "हम कश्मीर मसले के ऐसे समाधान की तलाश में हैं जिससे कश्मीरी लोगों की उम्मीदें पूरी हो सकें." शौकत अज़ीज़ ने शनिवार को शपथ ग्रहण करने के बाद राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से मुलाक़ात की और मंत्रिमंडल के गठन के बारे में मशविरा भी किया. इस मुलाक़ात के दौरान सत्तारुढ़ मुस्लीम लीग के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी शुजात हुसैन भी मौजूद थे. सत्ताधारी दल ने शौक़त अज़ीज़ को प्रधानमंत्री बनाने का फ़ैसला पहले ही किया था मगर उनके नेशनल असेंबली का सदस्य नहीं होने के कारण चौधरी शुजात हुसैन को प्रधानमंत्री बनाया गया था. शुजात हुसैन की सरकार में शौकत अज़ीज़ वित्त मंत्री थे और उन्होंने पिछले सप्ताह चुनाव जीतकर नेशनल असेंबली में जगह पाई. चौधरी शुजात हुसैन ने जून में तत्कालीन प्रधानमंत्री मीर ज़फ़रुल्लाह ख़ाँ जमाली के इस्तीफ़ा देने के बाद कार्यभार संभाला था. |
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