BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 17 जुलाई, 2004 को 02:10 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मृतक छात्रों की संख्या कम से कम 90, प्रधानाचार्य गिरफ़्तार
आग
आग ने पूरी इमारत को चपेट में ले लिया
तमिलनाडु के तंजावुर ज़िले के कुंभकोणम शहर में स्कूल में लगी भीषण आग में मरनेवाले बच्चों की संख्या कम से कम 90 हो गई है.

लगभग 100 बच्चे घायल हैं, जिनका इलाज तो चल रहा है लेकिन बीबीसी संवाददाता सुनील रमन के अनुसार चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में काफ़ी मुश्किलें पेश आ रही हैं.

घटनास्थल पर मौजूद एक डॉक्टर के अनुसार यदि गंभीर रूप से घायल बच्चे शनिवार को जीवित रह पाते हैं तो उनकी शल्य चिकित्सा करने की कोशिश की जाएगी.

इस दर्दनाक हादसे के बाद इस स्कूल के प्रधानाचार्य को गिरफ़्तार कर लिया गया.

मारे गए कुछ बच्चों का अंतिम संस्कार हो गया है जबकि अन्य का अंतिम संस्कार शनिवार को होगा.

राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस दर्दनाक हादसे पर दुख और संवेदना प्रकट की है.

संसद में भी इस अग्निकांड पर शोक प्रकट किया गया.

राज्य की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने इस हादसे के लिए स्कूल प्रशासन को क़सूरवार ठहराते हुए उनपर लापरवाही का आरोप लगाया और चार सरकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.

बच्चों की माताएँ
स्कूल के प्रधानाचार्य गिरफ़्तार हो चुके हैं

उन्होंने घटनास्थल का जायज़ा लेने के बाद हादसे की जाँच के आदेश दिए और स्कूल का लाइसेंस भी रद्द कर दिया.

आग

शुक्रवार की सुबह जिस स्कूल में आग लगी वहाँ कुल 900 बच्चे पढ़ते हैं जिनमें से ज़्यादातर बच्चे पाँच से 13 साल की उम्र के हैं.

आग स्कूल की पहली मंज़िल की छत में लगी और देखते ही देखते ही उसने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया.

आग लगने के समय स्कूल के उस हिस्से में क़रीब 200 बच्चे मौजूद थे.

मृतकों में ज़्यादातर लड़कियाँ हैं.

तंजावुर के ज़िलाधिकारी जे राधाकृष्णन ने बीबीसी को बताया है कि अस्पताल में भर्ती कराए गए घायलों में से कम-से-कम 10 की हालत बहुत गंभीर है और उनके शरीर 90 प्रतिशत तक जल गए हैं.

ज़िलाधिकारी ने बताया कि मूल रूप से तो इमारत पक्की बनी है लेकिन उसकी छत का विस्तार किया गया जिसमें नारियल की लकड़ी और पत्तों का इस्तेमाल किया गया था.

कारण

News image
चिकित्सा सुविधाओं का काफ़ी अभाव है

फ़िलहाल इस घटना का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है.

लेकिन बताया जा रहा है कि आग उस समय लगी जब कुंभकोणम शहर के एक स्कूल में बच्चों के लिए दोपहर का भोजन तैयार किया जा रहा था.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "शुरूआती अनुमान से पता चला है कि बच्चों के लिए दोपहर का भोजन तैयार करते वक़्त रसोईघर में एक खुले चूल्हे से यह आग भड़की."

आग में झुलसे अनेक बच्चे इस हद तक जल गए कि उनकी पहचान भी मुश्किल है.

कुछ माँ-बाप तो बच्चों के शवों को देखकर बेहोश हो गए.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि स्कूल रिहायशी इलाक़े में है और उस तक पहुँचने का छोटा सा रास्ता है.

दूसरा हादसा

तमिलनाडु में इस साल आग लगने की ये दूसरी भीषण घटना है.

राज्य में इसी साल जनवरी में एक विवाह मंडप में लगी आग में 59 से ज़्यादा लोग मारे गए थे जिनमें दूल्हा भी था.

उस घटना के बाद प्रशासन ने सार्वजनिक इमारतों में से बचाव के लिए समुचित इंतज़ाम किए जाने के आदेश दिए थे लेकिन उन पर पूरी तरह अमल नहीं देखा जा रहा है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>