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पाइपलाइनों की आग पर क़ाबू पाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
असम में दमकल कर्मचारियों ने गैस पाइपलाइन की आग पर क़ाबू पा लिया है जिसे गुरूवार को विद्रोहियों ने विस्फोट करके लगाया था. गुरूवार को विद्रोहियों ने असम में कई स्थानों पर विस्फोट गिए थे जिनमें से एक विस्फोट से गैस पाइपलाइन में भीषण आग लग गई थी. पश्चिम बंगाल में भी एक तेल पाइपलाइन में ग लग गई थी. प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ असम (अल्फ़ा) ने इन घटनाओं में अपना हाथ होने की ज़िम्मेदारी ली है. अल्फ़ा की सैन्य शाखा के मुखिया परेश बरुआ ने बीबीसी को बताया कि उनके संगठन ने असम में तीन विस्फोट किए और पश्चिम बंगाल में तेल पाइपलाइन में भी आग लगाई. सेना बुलाई असम के उत्तरी क्षेत्र बाइगनपारी में गैस पाइपलाइन में लगी आग पर क़ाबू पाने के लिए सेना को बुलाना पड़ा और आग भड़कने के क़रीब दस घंटे बाद इस पर क़ाबू पाया जा सका. इस पाइपलाइन को सरकारी तेल कंपनी भारतीय तेल लिमिटेड चलाती है और 40 सेंटीमीटर मोटाई वाली यह पाइपलाइन विस्फोट से कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी. कंपनी के अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि असम में हुए विस्फोट के समय ही पश्चिम बंगाल में तेल पाइपलाइन में भी विस्फोट हुआ जिससे आग लग गई. आग पर क़ाबू पाने के लिए सेना को बुलाना पड़ा. गुरूवार के विस्फोटों में कम से कम छह लोग घायल हो गए जिनमें तीन पुलिसकर्मी भी थे. |
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