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श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र में आग, आठ मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के श्रीहरिकोटा स्थित प्रमुख अंतरिक्ष केन्द्र में आग लगने से कम-से-कम छह व्यक्तियों की मौत हो गई है. यह आग श्रीहरिकोटा स्थित 'सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र' के उस स्थान पर लगी जहाँ ठोस ईंधन वाले मोटर बनाए जाते हैं. हैदराबाद से बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारूक़ के अनुसार आग शाम चार बजे लगी. दुर्घटना में छह लोगों की मौत के अलावा तीन लोग घायल भी हुए हैं जिन्हें चेन्नई के एक अस्पताल में पहुँचाया गया है. श्रीहरिकोटा आन्ध्र प्रदेश के तट के पास बंगाल की खाड़ी में स्थित एक छोटा-सा द्वीप है. अंतरिक्ष केन्द्र के प्रवक्ता के. रवीन्द्रन ने बताया, "कुछ लोगों को चोटें आई हैं, लेकिन वे कितनी गंभीर हैं, हमें मालूम नहीं. उनकी डॉक्टरी देखभाल की जा रही है." आग लगने के कारणों के बारे में अलग-अलग ख़बरें मिल रही हैं. यह केन्द्र भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का मुख्य प्रक्षेपण स्थल है और इसे भारतीय, जर्मन, कोरियाई तथा बेल्जियमी उपग्रहों को अन्तरिक्ष में भेजने के लिए काम में लाया जा चुका है. श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केन्द्र में उपग्रहों में इस्तेमाल होने वाले ठोस ईंधन का संवर्धन किया जाता है और स्थलीय परीक्षण भी होते हैं. इनके अलावा वहाँ रॉकेटों को अंतरिक्ष में छोड़ने की सुविधाएँ भी बनी हुई हैं. पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत ने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम का काफ़ी विस्तार किया है और अब तो वह चन्द्रमा पर अपने अन्तरिक्ष यात्री भेजने की दिशा में भी कार्य कर रहा है. |
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